आपके पास भी हैं टाटा के शेयर? Tata Sons की लिस्टिंग से इन 7 कंपनियों में खुलेगी लॉटरी, 1.77 करोड़ निवेशक होंगे मालामाल?
टाटा संस की संभावित लिस्टिंग से टाटा ग्रुप की कंपनियों के करीब 1.77 करोड़ शेयरधारकों को सीधा फायदा मिल सकता ...और पढ़ें
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Tata Sons की लिस्टिंग से इन 7 कंपनियों में खुलेगी लॉटरी, 1.77 करोड़ निवेशक होंगे मालामाल?
HighLights
टाटा संस की लिस्टिंग से 1.77 करोड़ शेयरधारकों को फायदा।
इनगवर्न रिपोर्ट ने पारदर्शिता और मूल्य निर्धारण पर जोर दिया।
आरबीआई के फैसले के बाद लिस्टिंग की चर्चा तेज हुई।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| टाटा संस अगर आने वाले समय में शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तो इसका सीधा और अप्रत्यक्ष फायदा टाटा ग्रुप की कंपनियों में पैसा लगाने वाले करीब 1.77 करोड़ छोटे-बड़े शेयरधारकों को मिलेगा। प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म इनगवर्न (InGovern) ने अपनी एक ताजा और अहम रिपोर्ट में यह बात कही है। फर्म ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में तर्क दिया है कि टाटा संस जैसी विशाल होल्डिंग कंपनी के फैसलों का असर शेयर बाजार के एक बहुत बड़े निवेशक-आधार पर पड़ता है। ऐसे में इस कंपनी का अब एक प्राइवेट कंपनी के तौर पर काम करते रहना उचित नहीं है।
क्यों अचानक तेज हुई लिस्टिंग की चर्चा?
मार्केट में यह हलचल ऐसे समय में तेज हुई है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कथित तौर पर टाटा संस की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी ने खुद को 'कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी' (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द कराने की गुजारिश की थी। आरबीआई के इस झटके के बाद, 17 सितंबर को होने वाली टाटा संस के बोर्ड की अहम बैठक में लिस्टिंग का मुद्दा एक बार फिर एजेंडे के बिल्कुल केंद्र में आ गया है।
पारदर्शिता और सही कीमत का मिलेगा फायदा
इनगवर्न ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में बताया है कि लिस्टिंग की प्रक्रिया से होल्डिंग कंपनी के कामकाज में बहुत ज्यादा पारदर्शिता (Transparency) आएगी। इसके अलावा, बाजार में टाटा संस के शेयरों की सही कीमत (प्राइस डिस्कवरी) भी तय हो सकेगी। जब ऐसा होगा, तो इसका सीधा फायदा ग्रुप की उन सभी लिस्टेड कंपनियों के लाखों शेयरधारकों को मिलेगा, जिनकी टाटा संस में हिस्सेदारी है।
टाटा संस में किन कंपनियों की है कितनी हिस्सेदारी?
इनगवर्न के पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, टाटा ग्रुप की सात लिस्टेड कंपनियों के पास खुद टाटा संस के कुल 48,241 शेयर मौजूद हैं। यह संख्या टाटा संस की कुल हिस्सेदारी का करीब 11.92 प्रतिशत बैठती है। इन सभी 7 कंपनियों के कुल शेयरधारकों की संख्या लगभग 1.77 करोड़ है। आइए इन कंपनियों की हिस्सेदारी का गणित समझते हैं:
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स: इसके पास 12,375 शेयर (3.06% हिस्सेदारी) हैं, और इससे सबसे ज्यादा 62.15 लाख निवेशक जुड़े हैं।
टाटा स्टील: इस कंपनी के पास भी 12,375 शेयर (3.06% हिस्सेदारी) हैं, और इसके 51.80 लाख शेयरधारक हैं।
टाटा पावर: इसके पास 6,673 शेयर (1.65% हिस्सेदारी) हैं, और शेयरधारकों की संख्या 39.96 लाख है।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स: 1,755 शेयर (0.43% हिस्सेदारी), शेयरधारक- 7.90 लाख।
इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL): 4,500 शेयर (1.11% हिस्सेदारी), शेयरधारक- 6.39 लाख।
टाटा केमिकल्स: इस कंपनी के पास 10,237 शेयर (2.53% हिस्सेदारी) हैं और 6.37 लाख शेयरधारक हैं।
टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन: 326 शेयर (0.08% हिस्सेदारी), शेयरधारक- 2.42 लाख।
बाजार में 25 लाख करोड़ का भारी-भरकम दबदबा
प्रॉक्सी एडवाइजर ने केवल हिस्सेदारी ही नहीं, बल्कि इन लिस्टेड कंपनियों के व्यापार के विशाल आकार की ओर भी ध्यान खींचा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी लिस्टेड टाटा कंपनियों का कुल मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) 25 लाख करोड़ रुपये से भी कहीं अधिक है। निफ्टी 50 और सेंसेक्स जैसे प्रमुख भारतीय शेयर सूचकांकों में इन कंपनियों का एक बड़ा और महत्वपूर्ण भार (Weightage) है।
इनगवर्न का साफ तर्क है कि,
शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था में इतने गहरे प्रभाव वाली होल्डिंग कंपनी गवर्नेंस और पारदर्शिता के उन सख्त नियमों से बाहर नहीं रह सकती, जो प्रणालीगत (Systemic) रूप से महत्वपूर्ण बड़े कॉरपोरेट घरानों पर लागू होते हैं। रिपोर्ट का निष्कर्ष बिल्कुल दो-टूक है: "टाटा संस का शेयर बाजार में लिस्ट होना ही सही कदम है।"
रिपोर्ट के अंत में कहा गया है कि, "टाटा संस के फैसले उसकी लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों, शेयरधारकों, कर्मचारियों, कर्ज देने वालों और रणनीतिक साझेदारों पर सीधा असर डालते हैं। इसलिए, कंपनी का भविष्य का कोई भी ढांचा तय करते वक्त इन सभी हितधारकों के हितों पर पूरी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।"
