नई दिल्ली: टाटा ग्रुप के शीर्ष पद को लेकर जारी घमासान के बीच आज रतन टाटा ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। बैठक के बाद किसी ने भी इसको लेकर किसी भी तरह की कोई टिप्पणी नहीं की। जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच यह मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। गौरतलब है कि बीते 24 अक्टूबर को साइरस मिस्त्री को टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था, तब से लेकर अब तक मिस्त्री और टाटा के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है।

बैठक के बाद क्या बोले रतन टाटा:

जानकारी के मुताबिक केंद्रीय वित्त मंत्री और टाटा ग्रुप के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। इस बैठक के बाद टाटा ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात करना उनके लिए सहज नहीं है।

मिस्त्री टाटा विवाद पर वित्त मंत्रालय भी चिंतित:

वित्त मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने बताया कि टाटा समूह में रतन टाटा और पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री के बीच चल रही रस्साकश पर मंत्रालय भी काफी चिंतित है। दरअसल वित्त मंत्रालय मामले से संबद्ध सभी हितधारकों के हितों की रक्षा चाहता है।

इशात हुसैन ने संभाली टीसीएस की कमान:

बीते बुधवार रात को टाटा संस ने इशात हुसैन को टीसीएस का नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया था। ग्रुप के इस फैसले के बाद ही टीसीएस के शेयर्स में 2 फीसदी तक का उछाल देखने को मिला था। इशात हुसैन को साइरस मिस्त्री की जगह कंपनी के निदेशक मंडल का अध्यक्ष नामित किया गया है।

मिस्त्री के बाद अब नुस्ली वाडिया को टा-टा करने की तैयारी में ग्रुप:

साइरस मिस्त्री को टाटा ग्रुप और टीसीएस के चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद अब टाटा नुस्ली वाडिया को हटाए जाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए टाटा ने शेयरहोल्डर्स की ईजीएम बैठक बुलाई है। टाटा ग्रुप का मानना है कि नुस्ली-मिस्त्री ग्रुप को तोड़ने की मिलीभगत कर रहे थे। जल्द ही टाटा स्टील की ईजीएम भी बुलाई जाएगी।

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