नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद Sensex सोमवार को फिर हरे निशान से ऊपर खुला। Bse का 30 शेयरों वाला इंडेक्‍स सुबह 9.15 बजे 52231 अंक पर खुला। इस दौरान सेंसेक्‍स 52279 अंक का High बनाता दिखा। ITC, ONGC, Maruti समेत 23 शेयरों में तेजी देखी गई। उधर NSE Nifty भी 34 अंक ऊपर 15,704 पर कारोबार कर रहा है। बता दें कि RBI ने इस बार मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख ब्‍याज दरों को नहीं बदला है।

बीते हफ्ते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने जून में सिर्फ 4 कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजारों (Stock Market) में 8,000 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। Covid 19 के नए मामलों में कमी और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों (Quarterly Result) के बाद भारतीय शेयर बाजारों (Stock Market) के प्रति विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले मई में FPI ने

बाजार से 2,954 करोड़ रुपये और अप्रैल में 9,659 करोड़ रुपये की निकासी की थी।

Covid टीके से बाजार में बहार

मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव के मुताबिक आगे चलकर परिदृश्य में सुधार और टीकाकरण अभियान तेज होने से एफपीआई (FPI) का निवेश और बढ़ने की उम्मीद है। आंकड़ों के मुताबिक FPI ने 1 से 4 जून के दौरान भारतीय शेयर बाजारों में शुद्ध रूप से 7,968 करोड़ रुपये का निवेश किया।

अप्रैल से पहले निकाले पैसे

अप्रैल में निकासी से पहले एफपीआई भारतीय शेयरों में लगातार निवेश कर रहे थे। अक्टूबर, 2020 से मार्च, 2021 के दौरान उन्होंने शेयरों में 1.97 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था। इसमें से 55,741 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश चालू चाल के पहले तीन माह में हुआ है।

बाजार पर बढ़ा भरोसा

ग्रो के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) हर्ष जैन के मुताबिक Covid 19 Mahamari में लगातार कमी के बाद अब विदेशी निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश को लेकर अधिक आशान्वित नजर आ रहे हैं।

Lockdown में ढील

भारत में कोरोना संकट की वजह से देश के कई हिस्से में अभी लॉकडाउन (LockDown) किया गया है। रविवार को भी कई राज्यों ने लॉकडाउन (LockDown)आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। देश के कुछ इलाकों में कोरोनावायरस के मामले कम होने की वजह से अब लॉकडाउन में ढील भी दी जा रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि LockDown में ढील से देश के कई राज्यों में अब आर्थिक गतिविधियां (Economic Activity) रफ्तार पकड़ सकती हैं। इस वजह से विदेशी निवेशकों (FPI) में उत्साह बढ़ सकता है।

Edited By: Ashish Deep