नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। बुधवार को 500 अंक से ज्‍यादा की गिरावट के बाद Sensex ने गुरुवार को नवरात्रि के पहले दिन फिर जोरदार शुरुआत की। बाजार 59,632.81 के मजबूत स्‍तर पर खुलने के बाद 59810 अंक के Intra day high तक गया। खबर लिखे जाने तक Sensex 579 अंक ऊपर कारोबार कर रहा था। Ntpc को छोड़कर बाकी शेयर हरे निशान पर थे। वहीं Nifty 50 17,810.55 अंक पर खुलने के बाद इसी रेंज में कारोबार कर रहा था।

SMC Global के एमसी गुप्‍ता के मुताबिक ऑटो शेयरों में तेजी रहेगी। आज निवेशकों को ऐसे स्‍टॉक पर फोकस करना चाहिए, जिनके तिमाही नतीजे आने वाले हैं। मसलन TCS का रिजल्‍ट आने वाला है। इसके साथ ही ऑटो कंपनियों की सेल सितंबर में अच्‍छी रही है। चिप की कमी का खास असर नहीं रहा है। हालांकि मार्केट में अभी बड़ा करेक्‍शन ड्यू है। इसलिए लॉन्‍ग टर्म की एप्रोच जरूरी है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारतीय बाजार सकारात्मक रुख के साथ खुले हैं। कल की कमजोरी आज दूर हुई है। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा।

इससे पहले बुधवार को वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली के बीच सेंसेक्स 555 अंक टूट गया। इससे निवेशकों की 2,57,785.17 करोड़ रुपये की पूंजी डूब गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 555.15 अंक या 0.93 प्रतिशत के नुकसान से 59,189.73 अंक पर आ गया। इससे पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स चढ़ा था। दिन में कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 665.02 अंक के नुकसान से 59,079.86 अंक पर आ गया था। इससे बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2,57,785.17 करोड़ रुपये घटकर 2,62,20,547.05 करोड़ रुपये रह गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में इंडसइंड बैंक का शेयर सबसे अधिक तीन प्रतिशत टूट गया। टाटा स्टील, बजाज ऑटो, एचसीएल टेक, सन फार्मा और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी गिरावट आई। वहीं एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी तथा बजाज फाइनेंस के शेयर लाभ में रहे।

अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग के हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और जापान के निक्की में गिरावट आई। चीन के शंघाई कम्पोजिट में अवकाश था। दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजार नुकसान में थे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कमजोर वैश्विक रुख की वजह से धातु और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली का सिलसिला चला। इससे बाजार शुरुआती लाभ को गंवाकर नुकसान में बंद हुआ। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारतीय बाजार प्रभावित हो रहा है, जबकि मुद्रास्फीति से अमेरिका में बांड प्रतिफल पर असर पड़ा है। (Pti इनपुट के साथ)

Edited By: Ashish Deep