नई दिल्ली, पीटीआइ। वित्त वर्ष 2019-20 की आखिरी तिमाही में GDP वृद्धि दर के घटकर 1.2 फीसद पर रह जाने का अनुमान है। SBI की रिसर्च रिपोर्ट में यह अनुमान जाहिर किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए मार्च के आखिरी सप्ताह में लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां बिल्कुल ठप पड़ गई थीं। इस रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2019-20 में देश की जीडीपी वृद्धि दर के 4.2 फीसद पर रहने का अनुमान जाहिर किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी में 6.8 फीसद की नकारात्मक वृद्धि देखने को मिल सकती है। 

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नेशनल स्टैटिस्टकल ऑफिस (NSO) 29 मई को वित्त वर्ष 2019-20 की आखिरी तिमाही के जीडीपी वृद्धि दर से जुड़े आंकड़े जारी करेगा।  

पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर सात साल के निचले स्तर 4.7 फीसद पर आ गई थी। वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार 5.1 फीसद और दूसरी तिमाही में 5.6 फीसद पर रही थी।  

इस शोध रिपोर्ट में कहा गया है, ''हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 1.2 फीसद के आसपास रहेगी क्योंकि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से मार्च महीने के आखिरी सात दिन में आर्थिक गतिविधियां बिल्कुल थम गई थीं।''

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इस रिपोर्ट में लॉकडाउन के उन सात दिन में 1.4 लाख करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वार्षिक जीडीपी वृद्धि दर 4.2 फीसद के आसपास रहने का अनुमान है। पहले पांच फीसद की GDP Growth का अनुमान जताया गया था। 

Posted By: Ankit Kumar

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