नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जनवरी अवधि के दौरान करीब 41.16 लाख बचत खातों को बंद कर दिया है। इन सभी बचत खातों को एवरेज मंथली बैलेंस मेंटेन न करने के कारण बंद किया गया है। यह जानकारी आरटीआई (सूचना का अधिकार कानून) के तहत पूछे गए सवाल के जबाव में सामने आई है। गौरतलब है कि बीते दिन एसबीआई ने एवरेज मंथली बैलेंस न रखने पर लगने वाले चार्ज को भी 75 फीसद तक कम कर दिया है।

मध्यप्रदेश के नीमच में रहने वाले चंद्रा शेखर गौड़ की ओर से दाखिल की गई आरटीआई के जवाब में बैंक ने कहा, “खाते में न्यूनतम राशि मैंटेन न करने पर लागू जुर्माने के प्रावधानों के तहत बैंक ने 1 अप्रैल, 2017 और 31 जनवरी, 2018 के बीच 41.16 लाख बचत बैंक खाते बंद कर दिए हैं।”

आपको जानकारी के लिए बता दें कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में करीब 41 करोड़ बचत खाते (सेविंग बैंक अकाउंट) हैं। इनमें से 16 करोड़ तो सिर्फ प्रधानमंत्री जनधन योजना/बेसिक सेविंग बैंक अकाउंट (बीएसएसडी) और पेंशनर्स के हैं।

बीते साल अप्रैल महीने के दौरान एसबीआई ने खाते में एक न्यूनतम राशि (एवरेज मंथली बैलेंस) न रखने पर चार्ज लगाना शुरू कर दिया था। इस नियम के मुताबिक एसबीआई खाताधारक जो कि मैट्रो और शहरी क्षेत्र में रहते हैं के लिए खाते में 3,000 रुपए रखना अनिवार्य कर दिया गया था। वहीं जो खाताधारक अर्ध शहरी क्षेत्रों में रहते हैं उनके लिए यह सीमा 2,000 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले खाताधारकों के लिए यह सीमा 1,000 रुपए निर्धारित की गई थी।

अब मिनिमम बैलेंस न रखने पर देना होगा कितना चार्ज: अब मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में खाते में मंथली एवरेज बैलेंस (एएमबी) न रखने पर 50 के बजाए 15 रुपए प्रतिमाह का चार्ज देना होगा। उसी तरह अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह चार्ज 40 से घटाकर 12 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। वहीं 10 रुपए का जीएसटी भी एक निश्चित स्थिति में लागू होगा। आपको बता दें कि खाते में एवरेज बैलेंस (एएमबी) न रखने पर शुल्क लगाए जाने के एसबीआई के फैसले का तीखा विरोध हुआ था।

By Praveen Dwivedi