नितिन प्रधान, नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के लिए सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज की दरों को जस की तस बनाए रखने का फैसला किया है। डाकघर में चलने वाली बचत योजनाओं, किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजनाओं पर तीसरी तिमाही वाली ब्याज दरें जारी रहेंगी। इसके मुताबिक पहली जनवरी से लेकर 31 मार्च, 2020 की तिमाही में ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि सरकार के इस फैसले से आने वाली तिमाही में आरबीआइ की तरफ से ब्याज दरों में और कटौती की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।

आमतौर पर छोटी बचत योजनाओं का तालमेल बैंकों की ब्याज दरों के साथ बना कर रखा जाता है ताकि बैंकों को डिपॉजिट और क्रेडिट दरों के बीच समन्वय बनाए रखने में सुविधा हो। डिपॉजिट और क्रेडिट रेट में अंतर अधिक रहने से बैंकों की लागत बढ़ जाती है। साथ ही छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज की दर अधिक रहने बैंकों के लिए डिपॉजिट आकर्षित करना मुश्किल होता है। सूत्र बताते हैं कि अगली तिमाही के लिए बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी है।

ऐसी रहेंगी ब्याज दरें : एक से तीन वर्ष की अवधि वाले डिपॉजिट पर ब्याज की दर 6.9 परसेंट रहेगी। बचत खातों पर ब्याज चार परसेंट की दर से ही मिलता रहेगा। पांच साल के टर्म डिपॉजिट पर ब्याज की दर 7.7 और रेकरिंग डिपॉजिट पर 7.2 फीसद ब्याज मिलेगा। मासिक इनकम स्कीम पर 7.6 और नेशनल सेविंग स्कीम व पीपीएफ पर ब्याज की दर 7.9 परसेंट रहेगी। वहीं, 113 महीने की मैच्योरिटी वाले किसान विकास पत्र पर ब्याज की दर 7.6 परसेंट रहेगी। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत ब्याज की दर 8.4 परसेंट रहेगी। 

Posted By: Nitesh

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