नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छह हवाई अड्डों को सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) योजना के तहत लीज़ पर दिए जाने के लिए मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मेंगलुरु हवाई अड्डों के लिए ये अहम फैसला सुनाया।

पीपीपीएसी के कार्यक्षेत्र से बाहर के किसी मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के नेतृत्व में नागर विमानन मंत्रालय के सचिव, आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव तथा व्यय विभाग के सचिव को शामिल करके सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह का गठन किया जायेगा।

सरकार की ओर से एक आधिकारिक ट्वीट में कहा गया, ''भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के स्वामित्व वाले इन हवाई अड्डों का प्रबंधन पीपीपी के तहत किया जाएगा।' ट्वीट में कहा गया है कि पीपीपीएसी के अधिकार क्षेत्र के बाहर किसी मुद्दे को निपटाने के लिए सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह को जिम्मेदारी दी जाएगी।

योजना का लाभ

जानकारी के मुताबिक, पीपीपी मॉडल के तहत प्रबंध किए जा रहे हवाई अड्डों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि शामिल हैं। हैदराबाद और बेंगलुरु में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डों के विकास के लिए पीपीपी मॉडल से बुनियादी ढांचा परियोजना में हवाई अड्डों पर विश्व श्रेणी का बुनियादी ढांचा जुटाने, हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों को कुशल और समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति करने और बिना किसी निवेश के भारतीय विमान प्राधिकरण की राजस्व प्राप्ति को बढ़ाने में मदद मिली है।

भारत में पीपीपी हवाई अड्डों ने हवाई अड्डा सेवा गुणवत्ता (एएसक्यू) के रूप में हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय परिषद (एसीआई) द्वारा अपनी संबंधित श्रेणियों में शीर्ष पांच हवाई अड्डों में रैंक हासिल की है।

Posted By: Nitesh