SIP Investment: महीने के आखिरी समय में अकाउंट खाली हो जाता है, तो एसआईपी की शुरुआत कैसे करें?
SIP Investment 2026: युवा अक्सर महीने के अंत तक खर्चों के कारण खाली खाते का सामना करते हैं, जिससे बचत ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| महीने की शुरुआत में अकाउंट में सैलरी क्रेडिट होती है। उसके बाद अलग-अलग खर्चे शुरू हो जाते हैं। राशन, फैशन, ट्रैवल, फूड डिलीवरी, वीकेंड के फन, इन सब में पैसे कब खर्ज हो जाते हैं, पता नहीं चलता। महीने के आखिरी समय में अकाउंट खाली हो जाता है।
यही फाइनेंशियल स्थिति आज के अधिकतर युवाओं की है। वो पैसे बचाने और निवेश के बारे में कम सोचते हैं। आज के समय में उनके पास निवेश के कई ऑप्शन्स हैं। वह आसानी से शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। लेकिन वित्तीय जागरूकता और योजना की कमी होने की वजह से वो ऐसा नहीं कर पाते।
इसके लिए उन्हें सबसे पहले अपने खर्चों पर कंट्रोल करना होगा, पैसे की बचत करनी होगी और उसे सही जगह निवेश करना होगा। जागरण बिजनेस को दिए अपने इंटरव्यू में Bijendra Attri (फाउंडर BA कैपिटल AMFI-रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर) ने इस संबंध युवाओं का ज्ञानवर्धन किया है।
पूरा इंटरव्यू देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
SIP क्यों है जरूरी
SIP या सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में एक निवेशक खुद फैसला लेता है। वह अपने लिए ऐसा अमाउंट चुनता है, जो हर महीने में कटे लेकिन उसके खर्चें या बचत पर ज्यादा असर न हो। इस तरह SIP के जरिए हर महीने पैसे कटते जाएंगे, वह आगे निवेश होगा।
कुछ सालों बाद यही पैसा एक बड़ा कॉर्पस बन जाएगा। फिर आपको एहसास होगा कि इस निवेश में एक साथ ज्यादा पैसे और एफर्ट नहीं लगे, और अच्छा रिटर्न भी मिल गया। इसलिए एक्सपर्ट SIP करने पर जोर देते हैं। SIP के जरिए निवेश करने पर बिजेंद्र अत्री कहते हैं-
नई जॉब पाने वाले युवा SIP से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं, इसके लिए उन्हें 50-30-20 नियम को फॉलो करना चाहिए। इसका मतलब यह हुआ कि उन्हें अपनी सैलरी का 50 फीसदी हिस्सा बेसिक जरूरतों पर खर्च करना चाहिए, 30 फीसदी हिस्सा जीवनशैली में खर्च करना चाहिए और 20 फीसदी हिस्सा सेविंग और निवेश करना चाहिए।"
SIP के लिए ज्यादा इंतजार सही नहीं
सैलरी के साथ युवाओं की कई जरूरतें और ख्वाहिशें जुड़ी होती हैं। सैलरी आते ही उन पर खर्च भी करते हैं। लेकिन क्या युवा निवेश के बारे में सोचते हैं? निवेश के बारे में उनसे जब पूछा जाता है, तो कहते हैं कि “जब सैलरी बढ़ेगी तब निवेश करेंगे”।
बिजेंद्र अत्री के अनुसार- "ज्यादा कमाने के बारे में सोचना सही है, लेकिन निवेश या SIP के लिए ज्यादा इंतजार करना सही नहीं है। अगर सैलरी कम है तो आप छोटे अमाउंट से शुरुआत कर सकते हैं।"
अपने लक्ष्य को देखकर अपना पोर्टफोलियो बनाएं
SIP शुरू कर रहे हैं, तो आपको एक वेल-प्लांड पोर्टफोलियो बनाना चाहिए। क्योंकि केवल SIP के जरिए एक नियमित योगदान फाइनेंशियल सफलता की गारंटी नहीं है। इसलिए आपको देखना होगा कि आप कितना पैसा निवेश करेंगे और किस उद्देश्य यानी शिक्षा, शादी, रिटायरमेंट के लिए निवेश करेंगे। आखिर में आपको टाइम लाइन के बारे में भी निर्णय लेना होगा। यानी कितने समय के लिए आप निवेश करेंगे। बिजेंद्र अत्री कहते हैं-
अगर आपके पास लक्ष्य है कि आपको क्या करना है तो आप उस हिसाब से अपना पोर्टफोलियो बनाइए और उस पोर्टफोलियो के लिए SIP निर्धारित कीजिए और उसमें निवेश कीजिए।"
मार्केट गिर रहा है- निवेश करें या रुकें
मार्केट गिरता है तो युवा निवेश के प्रति सकारात्मक दिखाई नहीं देते हैं। उन्हें लगता है कि अभी पैसे लगाएंगे तो तुरंत फायदा नहीं मिलेगा। इसलिए ज्यादातर लोग ऐसी स्थिति में निवेश नहीं करते हैं। लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि ऐसे समय में SIP शुरू करना लॉन्ग टर्म में फायदा पहुंचा सकता है।
बिजेंद्र अत्री के अनुसार- मार्केट में उथल-पुथल उसका स्वभाव है। यह कभी कम समय तो कभी लंबे समय के लिए होता है। मार्केट अगर गिर रहा है तो डिस्काउंटेट रेट पर शेयर मिलेंगे, जहां आप इक्विटी फंड में SIP शुरू कर सकते हैं।"
Disclaimer:- इस लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के हैं और जागरण न्यू मीडिया कंपनी के विचारों को नहीं दर्शाते हैं। इसमें दिया गया कॉन्टेंट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी निर्णय लेने से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। जागरण न्यू मीडिया कंपनी जानकारी की सटीकता की गारंटी नहीं देती है और किसी भी वित्तीय परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है। सभी निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं।
