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क्यों बंद हो गया 'शटर वाला' टीवी, 80 और 90 के दशक में था जिसका जलवा; किस वजह से लगाया जाता था लकड़ी का शटर?

Published: Wed, 15 Jul 2026 12:18 PM (IST)

शटर वाला टीवी, जो 80 और 90 के दशक में भारतीय घरों की शान था, 2000 तक बाजार से पूरी तरह गायब हो गया। आखिर क्यों?

80 और 90 के दौर में शटर वाले टीवी का काफी क्रेज था।

80 और 90 के दौर में शटर वाले टीवी का काफी क्रेज था।

HighLights

  1. शटर वाले टीवी का 80 और 90 के दौर में काफी क्रेज था।

  2. महंगी पिक्चर ट्यूब की सुरक्षा के लिए शटर लगाए जाते थे।

  3. रिमोट कंट्रोल और कलर टीवी के आगमन से इनकी मांग घटी।

नई दिल्ली। लंबा-चौड़ा और भारी-भरकम, कभी भारतीय घरों की शान हुआ करता था शटर वाला टीवी (Shutter TV) लेकिन, जमाना तेजी से बदला और हम LCD, LED और OLED टेलीविजन के दौर में आ गए, और देखते-देखते शटर वाला टीवी सिर्फ यादों में रह गया। क्या आप जानते हैं यह खास टेलीविजन किस दौर में आया और कब व कैसे बाजार से गायब हो गया। सन 80 और 90 के दशक में शटर टीवी का काफी बोलबाला था, लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि यह टीवी मार्केट में आना बंद हो गया। चलिये आपको बताते हैं इसके पीछे की कहानी

कब आया शटर वाला टीवी?

भारत में शटर वाले टीवी की शुरुआत मुख्य रूप से 1970 के दशक में हुई, 80 व 90 के दौर तक इसने काफी लोकप्रियता बटोरी। लकड़ी के कैबिनेट और दरवाजों वाली यह टीवी, उस जमाने में इस टेलीविजन को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं, बल्कि घर के स्टेटस सिंबल के रूप में देखा जाता था।

टीवी में क्यों लगाया गया था शटर?

शटर वाली टीवी में शटर लगाने की वजह सिर्फ साज-सज्जा नहीं बल्कि टेक्निकल कारण से लगाए जाते थे।

  • 40 साल पहले टीवी की पिक्चर ट्यूब (CRT) बहुत महंगी और नाजुक होती थी। ऐसे में उसकी सुरक्षा बहुत जरूरी थी और इसके लिए लकड़ी के शटर का इस्तेमाल किया गया ताकि पिक्चर ट्यूब धूल व नमी से बचे और उसके टूटने का खतरा कम हो।
  • शटर वाले टीवी में एक और दिलचस्प सुविधा थी - ताला यानी लॉक की। जिसकी मदद से अक्सर पैरेंट्स शटर बंद करके ताला लगा देते थे ताकि बच्चे बेवजह टीवी नहीं देखें।
  • इसके अलावा, शटर वाला टीवी बंद होने पर वह लकड़ी के एक सुंदर शोपीस की तरह दिखता था, जो घर की शान बढ़ाता था।

कब और क्यों बंद हुआ शटर वाला टीवी?

शटर वाले टीवी ने 2 दशक तक भारतीय बाजार और घरों में राज किया, लेकिन 1995 के बाद धीरे-धीरे बंद होने लगा और 2000 तक आते-आते पूरी तरह से गायब हो गया।

दरअसल, 1990 के बाद भारत में कलर टीवी का क्रैज बढ़ने लगा जिसके चलते धीरे-धीरे टेलीविजन के डिजाइन भी चेंज हुए। ऐसे में लकड़ी की जगह स्लीक और हल्के फाइबर/प्लास्टिक कैबिनेट ने ले ली।

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वहीं, कलर टीवी में रिमोट की सुविधा आने लगी, जो शटर वाले टीवी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। क्योंकि, रिमोट की सुविधा के चलते शटर वाले टीवी में चैनल बदलने की झंझट से लोगों को मुक्ति मिली और इससे शटर वाले टीवी की मांग कम होने लगी और लोग स्लीक डिजाइन टीवी की ओर मूव कर गए।