नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। देश में आर्थिक सुस्ती की स्थिति बनी हुई है। साथ ही सेंटिमेंट में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि बीएसई सेंसेक्स में लगातार छठें सत्र में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक 141 अंक टूटकर 37,531 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 0.43 फीसद टूटकर 11,126.40 अंक पर बंद हुआ। अब सेंसेक्स के पिछले सत्र के आंकड़े को मिला दिया जाए तो उसमें अब तक 1,457 अंक यानी 3.7 फीसद तक की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में इस टूट से निवेशकों को काफी धक्का लगा है। आकलन के मुताबिक शेयर बाजारों में पिछले छह दिन से जारी गिरावट के कारण निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए। 

पिछले शुक्रवार को रिजर्व बैंक द्वारा चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.9 फीसद से घटाकर 6.1 फीसद करने से भी सोमवार को बाजार की धारणा काफी प्रभावित हुई। यही वजह रही कि सप्ताह के पहले सत्र में ऑटो, फार्मा एवं आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 

हालांकि, ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर संदीप जैन का मानना है कि इस समय में मार्केट बहुत सी चीजों को लेकर ओवररिएक्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न आर्थिक संकेतक कोई बहुत अच्छी स्थिति की ओर इशारा नहीं कर रहे हैं लेकिन चीजें इतनी खराब भी नहीं हुई हैं।

त्योहारी सीजन में डिमांड बढ़ने की आशा के साथ जैन ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही काफी अहम साबित होने वाली है। उन्होंने कहा कि बाजार इस बात की उम्मीद कर रहा है कि कॉरपोरेट टैक्स में कमी के साथ डिमांड बढ़ाने के लिए सरकार व्यक्तिगत आयकर में भी छूट दे सकती है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में होने वाली बिक्री, सरकार के नीतिगत उपायों से आने वाले समय में इस स्थिति से बाजार बाहर निकल सकता है।

Posted By: Ankit Kumar

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