जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पूंजी बाजार नियामक सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा है कि कैपिटल मार्केट अर्थव्यवस्था के विकास में काफी अहम भूमिका निभाने जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए सेबी कैपिटल मार्केट को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है। पूंजी बाजार नियामक सेबी के पूर्णकालिक निदेशक जी. महालिंगम ने देश में एक अलग गोल्ड स्पॉट एक्सचेंज का विचार रखा है। उन्होंने भविष्य में सभी तरह के स्वर्ण आयात सिर्फ स्पाट एक्सचेंज के माध्यम से करने की सलाह दी है।

उद्योग संगठन फिक्की के कार्यक्रम में बुधवार को त्यागी ने बताया कि सामाजिक क्षेत्र के विकास के लिए फंड जुटाने को आसान बनाने के लिए सेबी की तरफ से अलग से कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत सोशल स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना की जाएगी ताकि सामाजिक क्षेत्र के विकास से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था के लिए एक पूरा वातावरण तैयार हो सके।

उन्होंने बताया कि सेबी ने स्टार्ट-अप्स को एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने में सहूलियत के लिए इनोवेटर्स ग्रोथ प्लेटफार्म का गठन किया है। प्रतिभूति बाजार में घरेलू बचत के तहत होने वाले निवेश की हिस्सेदारी बढ़ रही है और इससे कैपिटल मार्केट के साथ अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसी कार्यक्रम में त्यागी ने यह भी कहा कि नियामक को जरूरी जानकारियां मुहैया कराने में कई कंपनियों का रवैया उदासीन सा रहा है। वे इस महत्वपूर्ण काम को खानापूर्ति के अंदाज में कर रही हैं, जो ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध कंपनियों के लिए नियामक और बाजारों को जानकारियां देने के दो प्रारूप हैं। एक के तहत उन्हें नियमित अंतराल पर कुछ जानकारियां देनी होती हैं। इसके अलावा उन्हें दूसरे के तहत समय-समय पर वे जानकारियां देनी होती हैं जो निदेशक बोर्ड द्वारा लिए जाते हैं और निवेशकों के लिए अनिवार्य हैं। इन दोनों ही प्रारूपों के मामले में कई कंपनियों का रवैया बेहद उदासीन रहा है।

स्पॉट मार्केट के माध्यम से सोने के आयात पर विचार

पूंजी बाजार नियामक सेबी के पूर्णकालिक निदेशक जी. महालिंगम ने देश में एक अलग गोल्ड स्पॉट एक्सचेंज का विचार रखा है। उन्होंने भविष्य में सभी तरह के स्वर्ण आयात सिर्फ स्पाट एक्सचेंज के माध्यम से करने की सलाह दी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस विचार को अभी तक सेबी ने किसी भी दस्तावेज का हिस्सा नहीं बनाया है। वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में वित्त मंत्री ने नियमन के अधीन गोल्ड एक्सचेंज का विचार पेश किया था। इस वर्ष फरवरी में पेश बजट में उन्होंने सेबी को ऐसे एक्सचेंज का नियामक घोषित किया। सेबी ने इस तरह के एक्सचेंज की स्थापना के लिए विभिन्न पक्षों से विचार आमंत्रित किए हैं। लेकिन इसमें स्वर्ण आयात को स्पाट एक्सचेंज के माध्यम से अंजाम देने की बात नहीं है।

Edited By: Nitesh