नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। बाजार नियामक सेबी ने वाट्सएप मैसेज के जरिये निवेश सलाह देने वाले दो लोगों पर कुल दस लाख रुपये जुर्माना लगाया है। निवेश सलाह सेवाएं देने के लिए सेबी के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य है। लेकिन ये लोग बिना पंजीकरण करवाये फर्जी निवेश सलाह दे रहे थे।

सेबी को एक जांच में पता चला कि दो व्यक्ति मंसूर रफीक खांडा और फिरोज रफीक खांडा निवेशकों को रिटर्न की गारंटी के साथ ट्रेडिंग टिप्स वाट्सएप मैसेज के जरिये दे रहे हैं। ये लोग सेबी के पास पंजीकरण करवाये बगैर ही निवेश सलाह सेवाएं दे रहे थे। सेबी के अनुसार ये दोनों लोग निवेशक को वाट्सएप संदेशों और वेबसाइटों के जरिये अपनी निवेश सलाह के आधार पर शेयरों में पैसा लगाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। ये लोग अवास्तविक रूप से काफी ज्यादा रिटर्न की गारंटी भी दे रहे थे। इस बात की काफी संभावना है कि कुछ सीधे-सादे निवेशक उनके द्वारा भेजे गये संदेशों पर भरोसा करके आसानी से उनके जाल में फंस गये। ऐसे में सेबी ने यह निष्कर्ष निकाला कि ये लोग बिना पंजीकरण करवाये निवेश सलाह सेवाएं दे रहे थे जो निवेश सलाहकार संबंधी नियमों के विरुद्ध है।

सेबी की अधिकारी संगीता राठौड़ ने 28 नवंबर को जारी आदेश में कहा कि इन लोगों ने पीएफटीयूपी (प्रोहिबिशन ऑफ फ्रॉड्यूलेंट एंड अनफेयर प्रैक्टिसेज) के नियमों का उल्लंघन किया है। इस वजह से उन पर दस लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।

इससे पहले अक्टूबर 2016 में भी सेबी ने खांडा बंधुओं और उनकी फर्मो के अवैध रूप से कमाये गये पांच करोड़ रुपये जब्त कर लिये थे। उसने जून 2014 में इन लोगों और उनकी फर्मो को निवेश सलाहकार सेवाएं बंद करने और शेयर बाजार में कोई भी गतिविधि बंद करने का अंतरिम आदेश दिया था। हाल में सेबी को एसएमएस और वाट्सएप संदेशों के जरिये निवेश सलाह सेवाएं देने की शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की थी। इन संदेशों में खांडा बंधुओं ने 25 हजार रुपये जमा करने पर 200 प्रतिशत सुनिश्चित रिटर्न और हर महीने 25 से 50 लाख रुपये तक मासिक लाभ का प्रलोभन दिया था।

Posted By: Surbhi Jain

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