नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने आइसीआइसीआइ बैंक और उसकी सीईओ चंदा कोचर के खिलाफ शुरुआती जांच के बाद कहा है कि वह इस मामले में न्यायिक कार्यवाही के पक्ष में है। वह वीडियोकॉन ग्रुप को कर्ज दिए जाने के मामले में हितों के टकराव के मामले की जांच कर रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इस मामले में गड़बड़ियों के लिए बैंक पर 25 करोड़ रुपये और चंदा कोचर पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। सेबी द्वारा बैंक, कोचर और अन्य को दिए नोटिसों के जवाब मिलने के बाद न्यायिक कार्यवाही शुरू हो सकती है। आइसीआइसीआइ बैंक के बोर्ड ने भी इस मामले की स्वतंत्र जांच शुरू की है।

पिछले हफ्ते बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया था कि कोचर बैंक की एमडी व सीईओ बनी रहेंगी। हालांकि आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल लाइफ के प्रमुख संदीप बख्शी को पूर्णकालिक निदेशक और सीओओ नियुक्त किया गया। वह बैंक के रोजमर्रा के कामकाज देखेंगे और कोचर को रिपोर्ट करेंगे। बैंक ने कोचर में पूरा भरोसा जताया है।

सूत्रों के अनुसार सेबी की शुरुआती जांच कोचर, बैंक और वीडियोकॉन ग्रुप की संलिप्तता पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार कोचर ने माना कि उनके पति दीपक कोचर ने वीडियोकॉन ग्रुप के साथ पिछले वर्षो में कई सौदे किए। उन्होंने यह भी माना कि न्यूपावर में दीपक और वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमुख वेणुगोपाल धूत सह संथापक और प्रमोटर थे।

Posted By: Praveen Dwivedi