मुंबई। बाजार नियामक सेबी ने उस सौदे की जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत विजय माल्या यूनाइटेड स्पिरिट से बाहर निकाल रहे हैं। डील के तहत माल्या ने कंपनी छोड़ने के लिए 500 करोड़ रुपए लिए हैं। इस रकम की प़़डताल भी होगी।

एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि साल 2012 से अब तक माल्या ने जो भी पूंजी ट्रांसफर किया है, उनकी भी जांच की जाएगी। इस मामले में यूबी ग्रुप ने टिप्पणी नहीं की, लेकिन यूएसएल का कहना है कि उन्हें फिलहाल सेबी की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है। माल्या को बस एक ही मलाल नई दिल्ली। बंद प़़डी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के बारे में विजय माल्या का कहना है कि उन्हें एक ही बात का अफसोस है, किंगफिशर एयरलाइंस ऐसे समय में ऑपरेट नहीं हो पा रही, जब कच्चे तेल की कीमत बहुत कम है। किंगफिशन पर बकाया भारी-भरकम कर्ज की वसूली के लिए बैंक माल्या के पीछे प़़डे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें साल 2014 के मध्य में सबसे ऊंचे स्तर से अब तक करीब 75 प्रतिशत टूट चुकी है। विमानन कंपनियां शिकायत करती रही हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के अनुरूप देश में विमान ईधन की कीमतें नहीं घटी हैं। बावजूद इसके एयरलाइंस की ईधन लागत 30-40 प्रतिशत घटी है। ज्यादातर विमानन कंपनियों के वित्तीय नतीजे कच्चे तेल के भाव में कमी के कारण अच्छा रहा है।

Edited By: Sanjeev Tiwari