IPO News: शराब बनाने वाली कार्ल्सबर्ग समेत 4 कंपनियों के आईपीओ को हरी झंडी, सेबी ने दी मंजूरी; किस कंपनी का कितना इश्यू?
Carlsberg India IPO: सेबी ने कार्ल्सबर्ग इंडिया लिमिटेड सहित चार कंपनियों को उनके प्रस्तावित आईपीओ के लिए मंजूरी दे दी ...और पढ़ें
-1790928842878_m.webp)
शराब बनाने वाली कार्ल्सबर्ग समेत 4 कंपनियों को आईपीओ को हरी झंडी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| डेनमार्क की प्रमुख शराब कंपनी कार्ल्सबर्ग ग्रुप की भारतीय इकाई कार्ल्सबर्ग इंडिया लिमिटेड समेत चार कंपनियों को प्रस्तावित आईपीओ (Upcoming IPO News) आगे बढ़ाने के लिए सेबी की मंजूरी मिल गई है। इनके अलावा टीएमसी ट्रांसफॉर्मर्स (इंडिया) लिमिटेड, उजिन फार्मा लिमिटेड और मातंगी रबड़ लिमिटेड को भी आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति मिली है।
सेबी को इन चारों कंपनियों की ओर से आईपीओ से जुड़े दस्तावेज मई से जुलाई के बीच मिले थे। नियामक ने 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच इन कंपनियों के आईपीओ प्रस्तावों की समीक्षा पूरी की। यह जानकारी सेबी की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों से सामने आई है।
सेबी (SEBI) की मंजूरी मिलने के बाद अब ये कंपनियां लागू नियामकीय नियमों और जरूरी शर्तों के तहत अपने पब्लिक इश्यू की तैयारियां आगे बढ़ा सकती हैं।
कौन सी कंपनी ला रही कितना बड़ा आईपीओ?
कार्ल्सबर्ग इंडिया ने 1 जुलाई को SEBI के पास गोपनीय तरीके से आईपीओ के दस्तावेज जमा किए थे। यह कंपनी डेनमार्क के कार्ल्सबर्ग ग्रुप की भारतीय इकाई है। वहीं, TMC Transformers (India) Limited के प्रस्तावित आईपीओ का आकार 550 करोड़ रुपए है। इस इश्यू में पूरी रकम नए शेयर जारी करके जुटाई जाएगी। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बेचने यानी ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई हिस्सा नहीं है।
उजिन फार्मा लिमिटेड (Uzin Pharma Limited) के प्रस्तावित आईपीओ में 1.18 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही कंपनी के प्रमोटर 72.82 लाख शेयरों की OFS के जरिए बिक्री करेंगे। इसके अलावा, सेबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मातंगी रबड़ लिमिटेड (Matangi Rubber Limited) को भी उसके प्रस्तावित आईपीओ के लिए नियामक की मंजूरी मिल गई है।
सेबी की मंजूरी मिलने का मतलब यह है कि इन कंपनियों ने आईपीओ प्रक्रिया में एक अहम नियामकीय चरण पूरा कर लिया है। हालांकि, शेयरों की बिक्री और लिस्टिंग से जुड़ी आगे की प्रक्रिया लागू नियमों और कंपनी की तैयारियों के अनुसार होगी।
