नई दिल्ली, पीटीआइ। देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एनपीए खाते केएसके महानदी पावर कंपनी को बेचने के लिए परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों से बोलियां आमंत्रित की हैं। केएसके महानदी कंपनी पर एसबीआइ से लिया हुआ कुल बकाया 4,100 करोड़ रुपये से अधिक है। एसबीआई ने एक नीलामी नोटिस में जानकारी देते हुए यह कहा कि, "वित्तीय संपत्तियों की बिक्री पर बैंक की नीति के संदर्भ में, नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार, हम केएसके महानदी को एआरसी, बैंक, एनबीएफसी, एफआई के सामने बिक्री के लिए रखते हैं।" एसबीआइ के द्वारा केएसके महानदी की ई-नीलामी प्रक्रिया का आयोजन 31 दिसंबर, 2021 को किया जाएगा है।

एसबीआई के अनुसार, 3,815.04 करोड़ रुपये के फंड आधारित बकाया और 286.83 करोड़ रुपये के गैर-निधि आधारित बकाया के साथ, एसबीआई की ओर से कंपनी का कुल उधार बकाया 4,101.87 करोड़ रुपये है। देश के सबसे बड़े बैंक ने इस गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) को बेचने के लिए 1,423.17 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया है। एसबीआई ने कहा कि इच्छुक पार्टियां छह दिसंबर तक रुचि पत्र जमा करने के बाद तत्काल प्रभाव से इस संपत्ति की जांच कर सकती हैं।

केएसके एनर्जी वेंचर्स की एक पूर्व सहायक, केएसके महानदी बिजली कंपनी द्वारा उधार चुकौती के डिफॉल्ट पर ऋणदाताओं के एक संघ द्वारा गिरवी रखे गए शेयरों के आमंत्रण के बाद मई 2018 से इसकी शाखा नहीं रह गई थी। केएसके एनर्जी वेंचर्स ने कहा था कि केएसके महानदी ने पिछले 10 वर्षों में समूह की कुल बिजली उत्पादन क्षमता का 80 फीसद कंपनी के तहत संचालित और विकसित किए जा रहे 4,472 मेगावाट में से 3,600 मेगावाट का गठन किया है और बैंक की इस तरह की कार्रवाई से केएसके एनर्जी वेंचर्स और इसके विभिन्न हितधारकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। केएसके महानदी पावर कंपनी कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत है।

Edited By: Abhishek Poddar