नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने खाता धारकों को एक बड़ी राहत दी है। एसबीआई ने खाते में मंथली एवरेज बैलेंस (एएमबी) न रखने वाले पर लगने वाले चार्ज में बड़ी कटौती कर दी है। इस चार्ज में करीब 75 फीसद तक की कटौती की गई है। ये नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी और इसका एसबीआई के करीब 25 करोड़ खाताधारकों को फायदा होगा। एसबीआई ने कहा कि उसने यह फैसला तमाम हितधारकों की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रियाओं के आधार पर लिया है।

अब मिनिमम बैलेंस न रखने पर देना होगा कितना चार्ज: अब मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में खाते में मंथली एवरेज बैलेंस (एएमबी) न रखने पर 50 के बजाए 15 रुपए प्रतिमाह का चार्ज देना होगा। उसी तरह अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह चार्ज 40 से घटाकर 12 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। वहीं 10 रुपए का जीएसटी भी एक निश्चित स्थिति में लागू होगा। आपको बता दें कि खाते में एवरेज बैलेंस (एएमबी) न रखने पर शुल्क लगाए जाने के एसबीआई के फैसले का तीखा विरोध हुआ था।

क्या हैं मंथली एवरेज बैलेंस के नियम: एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक 1 अक्टूबर 2017 से ही ऐसे एसबीआई खाताधारक जो कि मैट्रो और शहरी क्षेत्र में रहते हैं के लिए खाते में 3,000 रुपए रखना अनिवार्य कर दिया गया था। वहीं जो खाताधारक अर्ध शहरी क्षेत्रों में रहते हैं उनके लिए यह सीमा 2,000 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले खाताधारकों के लिए यह सीमा 1,000 रुपए निर्धारित की गई थी।

एसबीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर (रिटेल एंड डिजिटल बैंकिंग) पीके गुप्ता ने बताया, “हमने ग्राहकों के फीडबैक और उनकी भावनाओं की कद्र करते हुए इन शुल्कों में कटौती की है। बैंक ने हमेशा अपने कस्टमर्स के हितों का ध्यान रखा है और ग्राहकों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए यह हमारे कई प्रयासों में से एक है।” इतना ही नहीं एसबीआई ने अपने ग्राहकों को रेगुलर सेविंग बैंक अकाउंट से बेसिक सेविंग बैंक अकाउंट में शिफ्ट होने की सुविधा भी दी है, जिस पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाता है।

By Praveen Dwivedi