नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वित्तीय संकट में डूबी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) आइएलएंडएफएस से जुड़ी अफवाहों का बाजार गर्म है। पिछले हफ्ते इसका असर दूसरे एनबीएफसी पर पड़ने की अफवाह से कई दूसरी कंपनियों को शेयर बाजार में करारा धक्का लगा था। अब हालात को संभालने के लिए एसबीआइ को आगे आना पड़ा है। एसबीआइ ने इस बात का खंडन किया है कि उसने एनबीएफसी को कर्ज देने की मौजूदा नीति में बदलाव करने का फैसला किया है या उन्हें कर्ज देने में कटौती कर रहा है। इन अफवाहों का जोरदार खंडन करते हुए एसबीआइ के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा है कि एसबीआइ सरकारी व निजी क्षेत्र के सभी एनबीएफसी को मदद देना जारी रखेगा।

सनद रहे कि आइएलएंडएफएस में वित्तीय संकट के बाद पिछले हफ्ते कई दूसरे एनबीएफसी के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी। इसके पीछे वजह यह बताई गई कि सरकारी क्षेत्र के बैंक अब एनबीएफसी को नया कर्ज देने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि एसबीआइ को रविवार को सामने आ कर निवेशकों को यह आश्वासन देना पड़ा है कि उसकी ऐसी कोई मंशा नहीं है।

एसबीआइ ने यह भी कहा है कि असल में वह दूसरे एनबीएफसी के साथ मिलकर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ज्यादा कर्ज देगा। एनबीएफसी के पास फंड की कोई कमी नहीं है। उनके पास पर्याप्त फंड है, जिससे वे देनदारियों का भुगतान करने की स्थिति में हैं।

Posted By: Surbhi Jain

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