दुबई/रियाद, रॉयटर्स। दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी सऊदी अरामको 3 नवंबर को अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के शुरुआत की घोषणा कर सकती है। रॉयटर्स ने इस घटनाक्रम से जुड़े तीन लोगों के हवाले यह जानकारी दी है। अक्‍टूबर में इस सौदे में कुछ विलंब हुआ था ताकि प्रमुख निवेशकों से बातचीत करने के लिए एडवाइजरों को वक्‍त मिल सके। 

मंगलवार को कुवैत इन्‍वेस्‍टमेंट अथॉरिटी (KIA) के मैनेजिंग डायरेक्‍टर फारुक बस्‍ताकी ने कहा कि IPO में निवेश के लिए अरामको ने संपर्क नहीं किया है। रियाद में हुए एक निवेश सम्‍मेलन से इतर बस्‍ताकी ने संवाददाताओं से कहा, 'IPO में निवेश को लेकर अरामको या इसके निवेशकों ने कुवैत इन्‍वेस्‍टमेंट अथॅरिटी से संपर्क नहीं किया है।' उन्‍होंने कहा कि दूसरे निवेश की तरह ही आईपीओ को भी कुवैत इन्‍वेस्‍टमेंट अथॉरिटी ही देखेगी। 

इस घटनाक्रम से जुड़े लोगों ने रॉयटर्स को बताया कि अरामकों के चीफ एक्‍जीक्‍यूटिव ऑफिसर अमीन नसीर मंगलवार को हुए सम्‍मेलन में उपस्थित नहीं थे। वह IPO के आने से पहले विदेश में निवेशकों के साथ बैठक कर रहे थे।  

सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको से जब इस संदर्भ में रॉयटर्स ने संपर्क किया तो उनकी तरफ से तत्‍काल कोई जबाव नहीं मिल पाया। वाणिज्यिक संवेदनशीलता के कारण कंपनी के लोगों ने अपनी पहचान बताने से भी इनकार कर दिया। 

हाल ही में सऊदी अरामको के क्रूड ऑयल फैसिलिटी सेंटर्स पर ड्रोन हमला हुआ था। इसके बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखी गई थी। 

आपको बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की 42वीं AGM में मुकेश अंबानी ने कहा था कि सउदी अरामको (Saudi Aramco) रिलायंस में 20 फीसद हिस्सेदारी खरीदेगी। अंबानी ने इसे रिलायंस के इतिहास में सबसे बड़ा विदेशी निवेश बताया है। सउदी अरामको रिलायंस के ऑयल और केमिकल (O to C) कारोबार में निवेश करेगी। 

Posted By: Manish Mishra

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