नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। देश में CAA और NRC को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन में फिल्मी जगत से लेकर सियासत और दूसरे क्षेत्र के लोग लगातार अपनी राय जाहिर कर रहे रहे हैं। इसमें अब नया नाम माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला का जुड़ गया है। दरअसल, नडेला के एक बयान पर घमासान मचा हुआ है। नडेला का अधूरा बयान वायरल होने के चलते यह विवाद खड़ा हुआ है। इसके बाद अब माइक्रोसॉफ्ट इंडिया (Microsoft India) ने इस पर सफाई देते हुए नडेला के पूरे बयान को ट्वीट किया है।

बता दें कि नडेला ने कहा था कि मेरा बचपन भारत में ही बीता है, जहां पर मैं बड़ा हुआ, जिस माहौल में बड़ा हुआ उस पर मुझे पूरी तरह से गर्व है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी जगह है जहां पर हम सब दिवाली, क्रिसमस साथ में मिलकर मनाते हैं। लेकिन मुझे लगता है जो हो रहा है बुरा हो रहा है। इसके बाद बवाल जारी है। आइये जानते हैं कौन हैं सत्या नडेला जिनकी बातों पर हो रहा है विवाद।

कौन हैं सत्या नडेला

हैदराबाद में जन्में सत्या नडेला की बैचलर डिग्री कर्नाटक के मैंगलोर यूनिवर्सिटी से पूरी हुई है। उन्‍होंने मैंगलोर यूनिवर्सिटी से इलेक्‍ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह अमेरिका चले गए जहां से उन्होंने मास्टर्स की डिग्री ली। 1992 में वे माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ गए।

नडेला को 2014 में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ पद के लिए नामित किया गया। आज उन्हें माइक्रोसॉफ्ट के सबसे ताकतवर शख्‍स के तौर पर जाना जाता है। उनके नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट में विंडो सर्वर और डेवलपर्स टूल काफी लाभकारी सिद्ध हुए। वित्त वर्ष (2018-19) में नडेला को 4.29 करोड़ डॉलर सैलरी मिली, भारतीय मुद्रा में यह 300 करोड़ के बराबर है। एक साल पहले के वित्त वर्ष (2017-18) में उन्हें 2.58 करोड़ डॉलर (184.28 करोड़ रुपए) मिले थे। इसमें ज्यादातर स्टॉक अवॉर्ड (शेयर) के तौर पर है। बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट का वित्त वर्ष 1 जुलाई से 30 जून तक होता है।

 

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