नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। जेट एयरवेज के पायलटों का कहना है कि अगर उनकी बकाया सैलरी का भुगतान 30 नवंबर तक नहीं होता है तो वे अगले महीने से अतिरिक्त कार्य नहीं करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अबतक इस मुद्दे पर कथित रुप से नरम रुख रखने वाला एयरलाइन का घरेलू पायलट निकाय नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) कंपनी की मौजूदा वित्तीय हालत पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को बैठक कर सकता है।

बता दें कि जेट एयरवेज पिछली तीन तिमाही से लगातार घाटे में चल रही है, कंपनी साथ ही अपने कुछ कर्मचारियों के वेतन का भुगतान भी समय से नहीं कर रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पायलटों ने फैसला किया है कि यदि उनका सारा बकाया वेतन 30 नवंबर तक नहीं दिया जाता है तो वे एक दिसंबर से कोई अतिरिक्त कार्य नहीं करेंगे और बस रोस्टर का ही पालन करेंगे। इस फैसले से की जानकारी प्रबंधन को भी मौखिक रूप से दे दी गई है।

मालूम हो कि नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के अभियंताओं, वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारियों के साथ ही करीब 1600 पायलटों को सितंबर की तनख्वाह के 50 फीसद हिस्से का ही भुगतान किया गया है। उन्हें सितंबर की आधी तनख्वाह और अक्टूबर की पूरी तनख्वाह मिलनी बाकी है। खबर यह भी है कि जेट एयरवेज में हिस्सेदारी खरीदने के लिए टाटा संस बात कर रहा है।

जेट एयरवेज के उप मुख्य कार्यकारी और मुख्य वित्त अधिकारी अमित अग्रवाल ने इसी सप्ताह इस बात की पुष्टि की थी कि उनकी कंपनी निवेश के इच्छुक कई पक्षों से बातचीत कर रही है। इसके अलावा एयरलाइन अपने छह बोइंग 777 विमान तथा लॉयल्टी कार्यक्रम ‘जेट प्रिविलेज’ में हिस्सेदारी बेचने जा रही है। 

Posted By: Nitesh