नई दिल्ली, राजीव कुमार। देश में जल्द ही कार में लगने वाले सेफ्टी एयर बैग, बुलेट प्रूफ जैकेट और हेलमेट का निर्माण होने लगेगा। भारत सरकार के टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन की वजह से यह संभव होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन के तहत 1,480 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई। इसका मकसद टेक्निकल टेक्सटाइल से जुड़े आइटम का घरेलू निर्माण एवं विश्व व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है।

टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन के तहत मंजूर 1,480 करोड़ रुपये में से 1,000 करोड़ रुपये टेक्निकल टेक्सटाइल के रिसर्च डेवलपमेंट पर खर्च किए जाएंगे। इन टेक्नोलॉजी को रखने के लिए टेक्नोलॉजी बैंक बनाया जाएगा और घरेलू उद्यमियों को ये टेक्नोलॉजी दी जाएंगी।

टेक्निकल टेक्सटाइल निर्माण के लिए 50,000 लोगों के प्रशिक्षित किया जाएगा और इस मद में 400 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। टेक्निकल टेक्सटाइल के निर्यात प्रोत्साहन के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ टेक्निकल टेक्सटाइल की भी स्थापना की जाएगी।

टेक्निकल टेक्सटाइल का इस्तेमाल डिफेंस, स्पेस, एग्री, सेनिटेशन, हेल्थ एवं जलजीवन मिशन के तहत किया जाता है।भारत ने पिछले वित्त वर्ष (2018-19) में 15,481 करोड़ रुपये के टेक्निकल टेक्सटाइल आइटम का आयात किया था। फिलहाल भारत में टेक्निकल टेक्सटाइल का कारोबार लगभग 16 अरब डॉलर (एक लाख करोड़ रुपये से अधिक) का है। जबकि दुनियाभर में टेक्निकल टेक्सटाइल का कारोबार 260 अरब डॉलर का है।

अगले चार साल में टेक्निकल टेक्सटाइल के घरेलू कारोबार को 40 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन से जुड़ी योजना को तैयार करने वाले टेक्सटाइल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टेक्निकल टेक्सटाइल के निर्माण के लिए मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी की जरूरत होती है जो महंगी होती है। इस कारण से भारत में कार में लगने वाले सेफ्टी एयर बैग और बुलेट प्रूफजैकेट हेलमेट का उत्पादन नहीं हो पाता है।

गौरतलब है कि रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले बुलेट प्रूफ हेलमेट का निर्माण भी फाइबर से होता है। टेक्सटाइल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल सिर्फ चार महीने (जनवरी-अप्रैल) के दौरान 437.74 करोड़ रुपये के सेफ्टी एयरबैग का आयात किया गया था।

टेक्निकल टेक्सटाइल से जुड़े अधिकतर आइटम का आयात चीन से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन के तहत जल्द ही भारत इनसे जुड़े कच्चे माल का उत्पादन करने लगेगा जिससे इन आइटम का निर्माण भारत में आसान हो जाएगा।

Posted By: Pawan Jayaswal

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