नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क।  मुकदमेबाजी और विवादों में फंसे इनडायरेक्ट टैक्स रेवेन्यू को करदाताओं के साथ सहमति बनाकर निकालने की सरकार की मुहिम कामयाबी की तरफ बढ़ रही है। ‘सबका विश्वास’ नाम से शुरू हुई इस स्कीम में अब तक 5,472 करोड़ रुपये की राशि की घोषणा हो चुकी है। वित्त मंत्रलय ने अधिकारियों से मुहिम की रफ्तार को तेज करने और 31 दिसंबर तक ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने को कहा है।नविवादों में फंसे टैक्स रेवेन्यू को प्राप्त करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘सबका विश्वास’ स्कीम लांच की थी।

इसके तहत अधिकारियों को करदाताओं से संपर्क कर उनके मुकदमों का सेटलमेंट करने को कहा गया था। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस स्कीम की प्रगति से संतुष्ट होकर अपने सभी प्रमुख आयुक्तों को ज्यादा से ज्यादा करदाताओं को इस स्कीम के दायरे में लाने की दिशा में काम करने को कहा है। यह स्कीम 31 दिसंबर 2019 तक के लिए है। इसलिए सूत्रों का कहना है कि इस अवधि तक अधिक से अधिक करदाताओं को इसके दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है।

अधिकारियों का मानना है कि अभी तक के रिस्पांस से स्पष्ट है कि करदाता स्वयं भी अधिक समय तक मुकदमेबाजी में उलझे नहीं रहना चाहते। इसलिए स्कीम के तहत मिल रही छूट का लाभ उठाकर राहत पाने के इच्छुक हैं। स्कीम शुरू करते वक्त 1.83 लाख मामलों में 3.6 लाख करोड़ रुपये सरकार के फंसे हुए थे। स्कीम के तहत 50 लाख रुपये और इससे कम के मामलों में 70 परसेंट तक की राहत देने का प्रावधान है।

50 लाख रुपये से अधिक की राशि पर राहत की दर 50 परसेंट रखी गई है। यह राहत उन लंबित मामलों के लिए है जिनमें करदाता 30 जून, 2019 तक ड्यूटी की राशि स्वीकार कर चुके हैं। बकाया रेवेन्यू के मामलों में 50 लाख रुपये तक के मामलों में 60 परसेंट और 50 लाख रुपये से अधिक के मामलों में राहत 40 परसेंट मिलेगी।सभी अधिकारियों से कहा गया है कि 31 दिसंबर से पूर्व सभी 1.83 लाख करदाताओं से संपर्क कायम करने की कोशिश करें। इसके लिए अधिकारियों से अपने प्रयासों में तेजी लाने को कहा गया है।

Posted By: Pawan Jayaswal

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