नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। सरकार की तरफ से रुपये की कीमत में सुधार के लिए हरसंभव कदम उठाने के आश्वासनों की वजह से कई दिनों के बाद बुधवार को भारतीय रुपये में थोड़ा सुधार देखा गया। इस दिन डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 60 पैसे मजबूत हुई। यह 57.80 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई। रेटिंग एजेंसी फिच की तरफ से भारतीय अर्थव्यवस्था को 'स्थिर' करार देने से भी रुपये में सुधार को सहारा मिला।

वित्त मंत्रालय में रुपये के हालात और संभावित रणनीति के बारे में विचार-विमर्श किया जा रहा है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रुपये में आगे गिरावट को रोकने के लिए उठाने जाने वाले कदमों पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक सरकार की तरफ से आने वाले दिनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश [एफडीआइ] और पोर्टफोलियो निवेश सीमा में बदलाव किया जाना है। विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए कई क्षेत्रों में एफडीआइ की सीमा बढ़ाई जा सकती है। माना जा रहा है कि रुपये की कीमत में अवमूल्यन से भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर पर पड़ने वाले विपरीत असर को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई है।

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