नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। मंगलवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये ने नया निम्नतम स्तर छू लिया है। दिन के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपये ने 28 पैसे की गिरावट के साथ 72.73 का स्तर छू लिया है। भारतीय मुद्रा में इस कमजोरी का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमते 78 डॉलर प्रति बैरल के पार होना है।

इसके अलावा शुक्रवार को आरबीआई की ओर से जारी डेटा के मुताबिक अप्रैल से जून तिमाही में चालू खाता घाटा (सीएडी) बढ़कर 15.8 बिलियन डॉलर हो गया है। बता दें कि बीते वर्ष की समान अवधि में यह 15 बिलियन डॉलर के स्तर पर रहा था। साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर से 841.68 करोड़ रुपये के शेयर्स की खरीदारी की गई है। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की ओर से 289.66 करोड़ रुपये की खरीदारी देखने को मिली है। यह जानकारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रोविजनल डेटा के मुताबिक है।

मंगलवार के सत्र में भारतीय शेयर भारी गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 509 अंक गिरकर 37413 पर और निफ्टी 154 अंक गिरकर 11283 पर बंद हुआ है।

आज डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे चढ़कर 72.25 के स्तर पर खुला था। जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को रुपये का बंद स्तर 72.45 रहा था। साथ ही बीते सत्र में इसने इंट्रा डे में 72.67 का रिकॉर्ड लो छुआ था।

क्या कहते है विशेषज्ञ?

केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया ने बताया कि रुपये की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। अगर सितंबर तिमाही की बात करें तो रुपया 73.67 से 74 की रेंज में कारोबार करता नजर आ सकता है। वहीं अगर साल 2018 की बात करें तो रुपया 75 का स्तर भी छू सकता है।

रुपये में गिरावट के बड़े कारण:

कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च हेड डॉ रवि सिंह ने बताया कि रुपये में गिरावट के प्रमुख कारण निम्न हैं..

  1. चीन और अमेरिका के बीच जारी ट्रेड वॉर से डॉलर मजबूत हो रहा है जो कि सीधे तौर पर रुपये पर असर डाल रहा है।
  2. आरबीआई अभी तक करीब 22 बिलियन डॉलर का फॉरेक्स रिजर्व का इस्तेमाल कर चुका है ताकि रुपये की स्थिति संभले लेकिन हालात अभी नहीं सुधरे हैं।
  3. स्टॉक मार्केट में भी तेजी जारी है जिससे एफआईआई प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं और बाजार से डॉलर खींच रहे हैं।
  4. क्रूड की बढ़ती कीमतें भी रुपये की इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।

Posted By: Surbhi Jain