नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। मंगलवार को 68 के स्तर को पार करने वाला भारतीय रुपया गुरुवार को सुधरकर 67 के स्तर पर आ गया। दिन के कारोबार में रुपया करीब साढ़े नौ बजे 67.61 पर कारोबार करता देखा गया। डॉलर के मुकाबले रुपए में मजबूती सीधे तौर पर आम आदमी को फायदा पहुंचाती है। लेकिन इससे पहले जानिए रुपए हाल-फिलहाल में कितने का उच्चतम और निम्नतम स्तर छू सकता है।

क्या कहते हैं हैं एक्सपर्ट:

केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया ने बताया कि डॉलर इंडेक्स में तेजी समेत तमाम इंटरनेशनल फैक्टर की वजह से रुपए में कमजोरी देखने को मिल रही है। हालांकि डोमेस्टिक फैक्टर रुपए को मजबूती दिखा रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि रुपया निचले स्तर में 68.40 और उच्चतम स्तर में 68.50 तक जा सकता है। केडिया ने कहा कि भारत का ट्रेड डेफेसिट बढ़ रहा है, क्रूड इंपोर्ट में मंदी का रुख देखने को मिल रहा है और जियो पॉलिटिकल टेंशन अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। साथ ही डॉलर का आउटलुक पॉजिटिव है, जिसकी वजह से रुपया कमजोर हो रहा है। केडिया ने कहा कि अगर डोमेस्टिक फैक्टर पर बात करें तो आज रुपया मजबूत हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और वही सरकार बनाती नजर आ रही है। वहीं अगर जीएसटी के संदर्भ में देखें तो इन्फ्लो बढ़ा है। बीते महीने जीएसटी का आंकड़ा 1 लाख करोड़ के पार चला गया था। वहीं अगर एक साल तक सरकार इसे मेंटेन रख सकता है तो यह रुपए के लिए बेहतर होगा। वहीं मानसून बेहतर है जो कि अच्छा पॉजिटिव फैक्टर हो सकता है। साथ ही केडिया ने यह भी कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि सिर्फ रुपया कमजोर हो रहा है। सिंगापुर और चीन जैसे इमर्जिंग मार्केट की करेंसी भी बेहतर स्थिति में नहीं है उनका भी कमोबेश यही हाल है।

जानिए रुपए की मजबूती से आम आदमी को कौन से 4 बड़े फायदे होंगे-

सस्ता होगा विदेश घूमना: रुपए के मजबूत होने से वो लोग खुश हो सकते हैं जिन्हें विदेश की सैर करना काफी भाता है। क्योंकि अब रुपए के मजबूत होने से आपको हवाई किराए के लिए पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे खर्च करने होंगे। फर्ज कीजिए अगर आप न्यूयॉर्क की हवाई सैर के लिए 3000 डॉलर की टिकट भारत में खरीद रहे हैं तो अब आपको कम भारतीय रुपए खर्च करने होंगे।

विदेश में बच्चों की पढ़ाई होगी सस्ती: अगर आपके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं तो रुपए का मजबूत होना आपके लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि अब आपको पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे भेजने होंगे। मान लीजिए अगर आपका बच्चा अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है, तो अभी तक आपको डॉलर के हिसाब से ही भारतीय रुपए भेजने पड़ते थे। यानी अगर डॉलर मजबूत है तो आप ज्यादा रुपए भेजते थे, लेकिन अब आपको डॉलर के कमजोर (रुपए के मजबूत) होने से कम रुपए भेजने होंगे। तो इस तरह से विदेश में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई भारतीय अभिभावकों को राहत दे सकती है।

क्रूड ऑयल होगा सस्ता तो थमेगी महंगाई: डॉलर के कमजोर होने से क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है। यानी जो देश कच्चे तेल का आयात करते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले (डॉलर के मुकाबले) कम रुपए खर्च करने होंगे। भारत जैसे देश के लिहाज से देखा जाए तो अगर क्रूड आयल सस्ता होगा तो सीधे तौर पर महंगाई थमने की संभावना बढ़ेगी। आम उपभोक्ताओं के खाने-पीने और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति परिवहन माध्यम से की जाती है, इसलिए महंगाई थम सकती है।

डॉलर में होने वाले सभी पेमेंट सस्ते हो जाएंगे: वहीं अगर डॉलर कमजोर होता है तो डॉलर के मुकाबले भारत जिन भी मदों में पेमेंट करता है वह भी सस्ता हो जाएगा। यानी यह भी भारत के लिए एक राहत भरी खबर है।  

By Praveen Dwivedi