नई दिल्ली, पीटीआइ। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि "ग्लोबल इकॉनमिक सुधार मजबूत हो रहा है और वर्ल्ड ऑर्डर में बदलाव के लिए यह एक अच्छा समय है। अगर ग्लोबल इकॉनमी खुली रहती है तो एक नई विश्व व्यवस्था की शुरुआत होगी।"

कुमार ने आगे कहा कि "वैश्विक समुदाय की सेवा के लिए एक उदार और बहुपक्षीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा बहुपक्षीय संस्थानों को मजबूत और बढ़ावा देते हुए समान विचारधारा वाले देशों के नए गठबंधन स्थापित करने की आवश्यकता है।"

फिक्की के एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हम देख सकते हैं कि आर्थिक सुधार मजबूत हो रहा है। मुझे लगता है कि यह विश्व व्यवस्था में बदलाव का यह एक अच्छा वक्त है।"

"विश्व व्यवस्था तभी होगी जब हम उस खुलेपन को बनाए रखें जिसने हमें विश्व युद्ध के बाद की अवधि में सफल बनाया है।यह देखते हुए कि कुछ अर्थों में खुलापन खतरे में है।"

इसके अलावा कुमार ने यह भी कहा कि "हमें उदार और बहुपक्षीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अपने सिर एक साथ रखने की जरूरत है।"

कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि "कॉरपोरेट क्षेत्र को महामारी के बाद विश्व व्यवस्था स्थापित करने का बीड़ा उठाना चाहिए। दुनिया भर की सरकारों ने कोशिश की है लेकिन अभी तक कॉरपोरेट जगत ने विश्व व्यवस्था को फिर से आकार देने के लिए अपना कंधा नहीं दिया है। संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन जैसे मल्टी लैटरल इंश्टीट्यूशन राष्ट्रों के बीच कन्वरजेंस के प्राइमरी ऑब्जेक्टिव को हासिल करने में नाकाम रहे हैं।"

"इसके बावजूद वैश्विक संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है, उन्हें बढ़ावा देने की जरूरत है। ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका यह सुनिश्चित करना है कि जो लोग वैश्विक आबादी का बड़ा हिस्सा पेश करते हैं वह इकॉनमिक सुधारों का प्रतिनिधित्व करें।"

कुमार के मुताबिक, "दुनिया अशांत और संक्रमण के दौर से गुजर रही है। हमें ऐसे वैश्विक संस्थानों की जरूरत है जो फुर्तीले और संवेदनशील हों। उन्हें इस समय की जड़ता नहीं रखनी चाहिए बल्कि ऐसे समय पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए।"

Edited By: Abhishek Poddar