नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। यह साल आर्थिक मोर्चे पर सुस्ती को लेकर चर्चा में रहा। जीडीपी वृद्धि दर की रफ्तार में कमी सहित कई प्रमुख संकेतकों से सुस्ती की आहट समय बीतने के साथ और पुष्ट होती गई। हालांकि, इसी बीच देश में रीयल एस्टेट सेक्टर थोड़ी अच्छी खबर लेकर आई। रीयल एस्टेट कंसल्टेंट JLL India की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक देश के अधिकतर बड़े शहरों में घरों की बिक्री में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक रीयल एस्टेट सेक्टर में ग्रोथ दर्ज की गयी है लेकिन इसके बावजूद यह नोटबंदी से पहले के स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। इस सेक्टर की ग्रोथ को मजबूती देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और मजबूत तरीके से सेक्टर को सपोर्ट किया है।

जेएलएल इंडिया की इस हालिया रिपोर्ट को कंपनी के मुख्य अर्थशास्त्री समानतक दास और रीसर्च एनालिस्ट श्रद्धा अग्रवाल ने तैयार किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ महीने में बाजार धारणा भले ही बहुत अच्छी नहीं रही हो, इसके बावजूद रीयल एस्टेट सेक्टर ने इस साल अब तक तमाम बाधाओं को पार करते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है। 

सात बड़े शहरों में इस साल की बिक्री के आंकड़े

मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में रीयल एस्टेट से जुड़ी गतिविधियों पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हुए रिपोर्ट में पाया गया है कि हैदराबाद में स्थिति सबसे तेजी से बेहतर हो रही है। हैदराबाद 36 फीसद सेल्स पेनेट्रेशन के साथ सूची में शीर्ष पर रहा। इसके बाद 34 फीसद के साथ पुणे का स्थान आता है। हैदराबाद में आवासीय एवं वाणिज्यिक दोनों स्तर पर बिक्री में बढ़ोत्तरी देखी गई है। इस शहर में निवेश के हिसाब से भी काफी संभावनाएं हैं। दूसरी ओर 13 फीसद के साथ सेल्स पेनेट्रेशन के मामले में दिल्ली सबसे निचले स्थान पर रहा। वहीं, कोलकाता में यह आंकड़ा 17 फीसद पर रहा। 

इस रिपोर्ट में यह खास बात निकलकर सामने आती है कि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सेल्स पेनेट्रेशन इस साल जनवरी से सितंबर के बीच 2014 से अब तक में सबसे ज्यादा रही है। उल्लेखनीय है कि इस साल जनवरी से सितंबर तक पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में बेंगलुरु को छोड़कर सभी शहरों में बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई। इस अध्ययन में यह बात सामने आई है कि बिक्री के मामले में पुणे में काफी स्थिरता रही है। इसके बाद बेंगलुरु का स्थान आता है। 

               2014 के बाद देश के प्रमुख सात शहरों में सेल्स पेनेट्रेशन के आंकड़े कुछ इस प्रकार रहेः

नोटबंदी का असर

इस विश्लेषण में यह बात सामने आई कि नोटबंदी का इस सेक्टर पर काफी ज्यादा असर रहा। कोलकाता और हैदराबाद इससे सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। कोलकाता में सेल्स पेनेट्रेशन 28 फीसद से घटकर छह फीसद और हैदराबाद में 29 फीसद से घटकर नौ फीसद रह गया। पुणे पर इसका असर सबसे कम देखने को मिला था। मुंबई और बेंगलुरु पर भी इसका बहुत अधिक असर देखने को नहीं मिला था।

नोटबंदी के प्रभाव से बाहर निकल रहा सेक्टर

इन सभी आकड़ों के साथ-साथ हम देख रहे हैं कि नोटबंदी का अल्पकालिक प्रभाव धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। डेवलपर, घर खरीदार और निवेशक रेरा एवं जीएसटी जैसे सुधारात्मक उपायों के साथ कदमताल करने लगे हैं। इससे उम्मीद जग गई है कि आने वाला साल सेक्टर के ग्रोथ के लिहाज से काफी अच्छा रहने वाला है।  

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