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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

RBI जून में बना अमेरिकी करेंसी का शुद्ध विक्रेता, 3.719 बिलियन अमेरिकी डॉलर सेल

By Sarveshwar PathakEdited By:
Published: Fri, 19 Aug 2022 03:25 PM (IST)

RBI जून में अमेरिकी मुद्रा का शुद्ध विक्रेता बना रहा। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक आरबीआई ने उस अवधि ...और पढ़ें

RBI turns net seller of US currency in June; sells USD 3.719 billion
RBI turns net seller of US currency in June; sells USD 3.719 billion

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जून में अमेरिकी करेंसी का शुद्ध विक्रेता बना हुआ था। आरबीआई ने उस अवधि में शुद्ध आधार पर 3.719 बिलियन अमेरिकी डॉलर की बिक्री की, जैसा कि केंद्रीय बैंक के आंकड़ों से पता चलता है। गुरुवार को जारी अगस्त 2022 के लिए आरबीआई के मासिक बुलेटिन के अनुसार, समीक्षाधीन महीने में केंद्रीय बैंक ने हाजिर बाजार से 18.96 बिलियन अमेरिकी डॉलर की खरीदारी की और 22.679 बिलियन अमेरिकी डॉलर की बिक्री की।

मई 2022 में RBI ने की इतने बिलियन अमेरिकी डॉलर की खरीदारी 

आपको बता दें कि जून 2021 में हाजिर बाजार से शुद्ध आधार पर 18.633 बिलियन अमेरिकी डॉलर की खरीद के बाद आरबीआई ग्रीनबैक का शुद्ध खरीदार था। मई 2022 में केंद्रीय बैंक ने 2.001 बिलियन अमेरिकी डॉलर की खरीदारी की। इसने महीने के दौरान 10.143 अरब डॉलर की खरीदारी की और 8.142 अरब डॉलर की बिक्री की।

वित्त वर्ष 2022 के दौरान, केंद्रीय बैंक ने अब तक 17.312 बिलियन अमेरिकी डॉलर की शुद्ध खरीद की है। इसने वित्त वर्ष 2022 में हाजिर बाजार में 113.991 बिलियन अमेरिकी डॉलर की खरीदारी की और 96.679 बिलियन अमेरिकी डॉलर की बिक्री की है। आंकड़ों से पता चलता है कि वायदा डॉलर के बाजार में जून के अंत में बकाया शुद्ध खरीद 30.856 अरब अमेरिकी डॉलर रही, जो मई में 49.191 अरब अमेरिकी डॉलर थी।

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। चाहे वो भारतीय रुपया हो या अमेरिका की करेंसी डॉलर, सभी मुद्राओं में अस्थिरता देखी जा रही है। महंगाई के इस दौर में बड़े-बड़े देश अपनी केंद्रीय बैंकों के माध्यम से ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं, जिसका असर बाजार पर पड़ रहा है और बाजार प्रभावित होने के कारण मुद्रा प्रभावित हो रही है।