नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगस्त में भारतीय रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 फीसद की कटौती कर सकता है। यह बात वैश्विश वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने (BofAML) एक रिपोर्ट में कही। रिपोर्ट के मुताबिक अगर मानसून सामान्य रहता है तो आने वाली क्रेडिट पॉलिसी समीक्षा में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक अगर रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट में कटौती की जाती है तो आने वाले दिनों में कर्ज सस्ता हो सकता है। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि महंगाई बढ़ने का खतरा आने वाले दिनों में नहीं है। रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि फरवरी में टमाटर और ब्याज की कीमतें कम होने से महंगाई दर 4.7 फीसद के आसपास रह सकती है। गौरतलब है कि सोमवार को जारी हुए आंकड़ों में जनवरी में खुदरा महंगाई दर 5.1 फीसद के स्तर पर है।

BofAML ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि "हम उम्‍मीद करते हैं, आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (एमपीसी) बेस इफेक्‍ट के चलते अप्रैल-जून में महंगाई में आई तेजी को देखेगा। इसे देखते हुए हमें उम्‍मीद है कि मानसून के सामान्य रहने पर अगस्‍त में आरबीआई 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है। रेट कटौती की संभावना को बल ला-नीना की स्थिती से मिलेगा। ला- नीना के चलते साउथवेस्‍ट मानसून को बूस्‍ट मिलता है।

रिपोर्ट के अनुसार, बजट 2018 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के एलान से महंगाई का कोई खास असर नहीं होगा क्‍योंकि थोक बाजार में कीमतें पहले ही संशोधित एमएसपी से ज्‍यादा हैं। रिपोर्ट में वित्‍त वर्ष 2018-19 में औसत महंगाई 4.8 फीसद रहने का अनुमान लगाया है जो रिजर्व बैंक के महंगाई लक्ष्य 2 से 6 फीसद के भीतर है।  

By Shubham Shankdhar