नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) फरवरी (7 फरवरी) और अप्रैल में होने वाली आगामी पॉलिसी समीक्षा बैठक के दौरान नीतिगत दरों में 0.25 फीसद की कटौती कर सकता है। यह अनुमान बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफा-एमएल) ने लगाया है।

यह लगातार दूसरा मौका रहा है जब केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों को यथावत रखा है। बीते दिन संपन्न हुई तीन दिवसीय द्वैमासिक समीक्षा बैठक में आरबीआई ने नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया था। इससे पहले जून और अगस्त के दौरान आरबीआई ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसद का इजाफा किया था।

अमेरिकन ब्रोकरेज की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, "हम उम्मीद कर रहे हैं कि आरबीआई एमपीसी (मॉनीटरी पॉलिसी कमिटी) फरवरी और अप्रैल में कम से कम 0.25 फीसद-0.25 फीसद करके 0.50 फीसद की कटौती करेगा।" यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि आरबीआई ने दूसरी छमाही के अपने महंगाई अनुमान को घटाकर 2.7 से 3.2 कर दिया जो कि पहले 3.9 से 4.5 फीसद था।

क्या था आरबीआई एमपीसी का फैसला?

आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट को 6.25 फीसद और बैंक रेट को 6.75 फीसद के स्तर पर बनाए रखा है। हालांकि रिजर्व बैंक ने एसएलआर में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2020 के लिए अपने जीडीपी अनुमान को भी 7.5 फीसद पर बरकरार रखा है। कैश रिजर्व रेश्यो में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। वहीं आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए 7.4 फीसद जीडीपी ग्रोथ का अनुमान जाहिर किया।

Posted By: Praveen Dwivedi