नई दिल्ली। आरबीआई गर्वनर उर्जित पटेल ने अपनी पिछली मौद्रिक नीति समीक्षा (8 फरवरी) के दौरान नीतिगत ब्याज दर को 6.25 फीसद पर बरकरार रखा था। वहीं इस बार 6 अप्रैल को होने वाली मौद्रिक समीक्षा नीति में सख्त मुद्रास्फीति और वैश्विक विकास के कारण भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौजूदा नीतिगत ब्याजदरों को यथावत बनाए रख सकता है। आपको बता दें कि यह साल 2017-18 की पहली बाई मंथली मॉनेटरी पॉलिसी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में ब्याज दर में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मानक नीतिगत दर कम नहीं होगी। आने वाले दिनों में इसे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, यह घरेलू एवं बाह्य कारकों पर निर्भर करेगा। वहीं दूसरी तरफ कोटक महिंद्रा बैंक के वाइस प्रेसिडेंट उदय कोटक ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक इस बार की मॉनेटरी पॉलिसी की समीक्षा बैठक में प्रमुख नीतिगत दर को पहले की तरह बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि 0.25 फीसदी की कमी या बढ़ोतरी इवाल्विंग कंडीशन पर निर्भर करेगी। निजी क्षेत्र के अन्य बैंक के प्रमुख भी यही मानते हैं कि आरबीआई 6 अप्रैल को नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

वहीं एक निजी क्षेत्र के बैंक ने बताया कि केंद्रीय बैंक 6 अप्रैल को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों को यथावत रखेगा। आपको बता दें कि आरबीआई ने अपनी पिछली मौद्रिक नीति समीक्षा में जो कि 8 फरवरी को हुई थी नीतिगत दरों को 6.25 फीसद पर बरकरार रखा था।

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Posted By: Praveen Dwivedi