नई दिल्ली (सुरभि जैन)। बुधवार के कारोबारी सत्र में सरकारी बैंकिंग शेयर्स में भारी गिरावट देखने को मिली। बाजार की गिरावट में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.78 फीसद की गिरावट के साथ बंद हुआ। जिन शेयरों की सबसे ज्यादा पिटाई हुई उनमें पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक शामिल हैं। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि सरकारी बैंकों में आई गिरावट के दो बड़े कारण हैं। पहला आरबीआई की ओर से एनपीए के नए नियम और दूसरा पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई ब्रांच में हुए फ्रॉड का 

शेयर्स में गिरावट का क्या कारण-
एस्कॉर्ट सिक्योरिटी हेड रिसर्च आसिफ इकबाल का कहना है कि बैंकिंग शेयर्स में गिरावट का मुख्य कारण भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से एनपीए के संबंध में जारी की गई नई गाइडलाइन्स हैं। इसके मुताबिक बैंक अब किसी भी हालत में दबाव ग्रस्त कर्ज को एनपीए में डालने और वसूली के लिए इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (आइबीसी) के तहत कार्रवाई को टाल नहीं सकेंगे।

रिजर्व बैंक ने फंसे कर्जो के समाधान के लिए मौजूदा समय में चल रहे आधा दर्जन नियम खत्म कर दिए हैं। अब किसी कर्ज डिफॉल्ट के मामले में बैंकों को 180 दिन के भीतर उसका समाधान निकालना होगा। ऐसा नहीं होने की स्थिति में उस खाते को दिवालिया प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाना होगा। नियम का पालन नहीं कर पाने वाले बैंकों को जुर्माना भी भरना पड़ेगा।

किन शेयर्स में आई सबसे ज्यादा गिरावट

क्या होनी चाहिए निवेशकों की निवेश रणनीति-
इकबाल का कहना है कि मौजूदा बाजार को देखते हुए निवेशकों को इनमें निवेश के फिलहाल के लिए बचना चाहिए। अगर वह निवेश करना चाहते हैं तो यह खरीदारी थोड़ी थोड़ी मात्रा में करें। नहीं तो निवेश से बचें। बाजार में अभी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसमें 300 से 400 प्वाइंट तक की तेजी का गिरावट दर्ज की जा सकती है। वैसे बाजार में अभी ज्यादा अपसाइड की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। वर्तमान में अधिक बिकवाली देखने को मिल सकती है। मौजदू समय में बाजार में मजबूती नहीं है। इसमें करेक्शन देखी जा सकती है। निवेशकों को डाउनसाइड के लिए तैयार रहना चाहिए।

PNB में पकड़ा गया 10,000 करोड़ रुपये का फ्रॉड

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने बुधवार को बताया कि उसने अपनी मुंबई ब्रांच में 177.17 करोड़ डॉलर के फर्जी लेन देन को पकड़ा है। बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में यह बात कही गई है। बैंक ने अपने स्टेटमेंट में कहा है कि यह लेन देन कुछ चुनिंदा खाताधारकों को फायदा पहुंचाने के लिए हुए थे। बैंक ने इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के नाम का खुलासा नहीं किया है। लेकिन, उसने बताया कि इस डील की जानकारी इन्फोसर्समेंट एजेंसियों को दी जा चुकी है।

By Surbhi Jain