नई दिल्ली, पीटीआइ/बिजनेस डेस्क। डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उसकी सहायक कंपनी पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नए ग्राहकों को जोड़ने पर लगाए गए प्रतिबंध का मुद्दा बैंकिंग नियामक की मंजूरी के बाद अगले 3 से 5 महीने में सुलझा लिया जाएगा। पेटीएम समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी मधुर देवड़ा ने कहा कि आरबीआई ने प्रक्रिया के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी है और पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा नए ग्राहकों को जोड़ने की मंजूरी इसके सर्टिफाइड होते ही दी जाएगी।

देवड़ा ने कहा, "अब से (RBI की मंजूरी मिलने के लिए) 3-5 महीने की उम्मीद है। आरबीआई ने यह नहीं कहा है कि हम इसे किस महीनों में समाप्त करेंगे। एक प्रक्रिया है और जैसे ही वे संतुष्ट होंगे, वे हमें फिर से ग्राहक जोड़ने के लिए आगे बढ़ने के लिए कहेंगे। स्पष्ट करने के लिए बता दूं कि परिणामस्वरूप पेटीएम का ग्राहक जोड़ना बंद नहीं होगा।"

बता दें कि आरबीआई ने इसी साल मार्च में 'सामग्री निगरानी से जुड़ी चिंताओं' के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नए खाते खोलने से रोक लगा दी थी। नियामक ने बैंक को अपने आईटी सिस्टम का व्यापक सिस्टम ऑडिट करने के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) ऑडिट फर्म नियुक्त करने का भी निर्देश दिया था।

केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा था, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने अधिकार क्षेत्र के तहत अन्य कानूनों के साथ-साथ बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के तहत पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को नए ग्राहकों के बैंक खाते खोलने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया है।’’

देवड़ा ने कहा, "कोई भी मौजूदा ग्राहक प्रभावित नहीं हुआ है। नए उपयोगकर्ता यूपीआई, पेटीएम पोस्टपेड और सभी सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, वह पेटीएम पेमेंट्स बैंक के साथ नया खाता नहीं खोलना सकते हैं, जो नए उपयोगकर्ताओं के मामले में हमारे व्यापार का एक बहुत छोटा प्रतिशत है।"

Edited By: Lakshya Kumar