नई दिल्ली (जेएनएन)। आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने कहा कि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से जिस प्रोत्साहन पैकेज पर विचार किया जा रहा है उसमें आंशिक तौर पर पूंजीगत व्यय बढ़ाने वाली बात होनी चाहिए। साथ ही निजी निवेश बढ़ने के रास्ते की बाधा को भी दूर किए जाने की जरूरत है।

उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के पुनर्पूंजीकरण का भी मामला भी उठाया ताकि निजी क्षेत्रों को अधिक फंडिंग उपलब्ध करवाई जा सके। एसोचैम की ओर से आयोजित एक समारोह इतर रंगराजन ने कहा, "चालू वित्त वर्ष की शेष तीन तिमाहियों में भारत को कम से कम 7 फीसद की वृद्धि दर से बढ़ना होगा ताकि चालू वित्त वर्ष में 6.5 फीसद की वृद्धि दर हासिल की जा सके।” वहीं नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक की ओर से पर्याप्त तैयारी से पिछले साल नवंबर को किए गए नोटबंदी के फैसले के कारण लोगों को पीड़ा को कम किया जा सकता था।

उन्होंने कहा कि मेरे लिहाज से यह ग्रोथ का निचला स्तर है अब यह ऊपर उठेगी। लेकिन फिर भी इस साल 6.5 फीसद की वृद्धि दर हासिल करने के लिए अर्थव्यवस्था को अगली तीन तिमाहियों में 7 फीसद की दर से बढ़ना होगा। उन्होंने कहा, “तो मेरा अपना अनुमान पूरे साल के लिए है, शायद विकास दर 6.5 फीसद होगी।”

Posted By: Praveen Dwivedi

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस