सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजस्थान बजट: रौशन होंगे किसानों के घर, पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने की तैयारी

By Praveen DwivediEdited By:
Published: Wed, 08 Mar 2017 02:40 PM (IST)Updated: Wed, 08 Mar 2017 02:47 PM (IST)

वसुंधरा राजे ने कहा कि लाखों किसानों को बिजली कनेक्शन मुहैया करवाया जाएगा

राजस्थान बजट: रौशन होंगे किसानों के घर, पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने की तैयारी
राजस्थान बजट: रौशन होंगे किसानों के घर, पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने की तैयारी

नई दिल्ली: राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार को वित्त वर्ष 2017-18 का बजट पेश किया। इस बजट के जरिए विकास का खाका खींचते हुए राजे ने कहा कि लाखों किसानों को बिजली कनेक्शन मुहैया करवाया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास तेज किए जाएंगे। गौरतलब है कि राजे ने अपने जन्मदिन के दिन बजट पेश किए। इसलिए बजट से पहले विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।

किसानों के लिए राजे के पिटारे से क्या निकला?

  • अगले दो सालों के भीतर 1.27 लाख किसानों को बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा।
  • अगले 2 वर्षों में एक लाख नए कृषि कनेक्शन दिए जाएंगे।
  • करीब 41 लाख लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा।
  • बीसलपुर-चंबल परियोजनाओं में लाई जाएगी तेजी।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाएंगे आरो प्लांट।
  • किसानों के लिए फसल बीमा योजना की घोषणा।
  • बीज स्वावलंबन योजना होगी शुरू।
  • किसानों के लिए जारी किए जाएंगे किसान क्रेडिट कार्ड।
  • अगले दो सालों में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) का आयोजन किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देगी राजे सरकार:

  • लघु फिल्मों और विज्ञापनों के जरिए पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटकों की संख्या में 17.3 फीसद का इजाफा देखने को मिला है। रणथंबौर को हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा।
  • दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के अंतर्गत अगले साल से 20 हजार वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा करवाई जाएगी।
  • दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के अंतर्गत अगले साल से 5 हजार नागरिकों को हवाई मार्ग से तीर्थयात्रा करवाई जाएगी।
  • नागौर, कोटा, झालावाड़, बूंदी की दरगाहों को पर्यटन स्थल के रूप में तैयार किया जाएगा।
  • शहरी क्षेत्र में पर्यावरण के लिए बांसवाड़ा त्रिपुरा सुंदरी, बाड़मेर, जालौर, भीलवाड़ा में स्मृति वन बनेंगे।