नई दिल्ली (जेएनएन)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि भारत को तीन सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और एक्सपोर्ट पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि जीडीपी ग्रोथ को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि ये तीनों सेक्टर नोटबंदी के कारण प्रभावित हुए थे।

रघुराम राजन ने अपनी बुक आई डू वॉट आई डू की लॉन्चिंग के दौरान कहा, “हमें इतना निराशावादी नहीं होना चाहिए और कहना चाहिए कि अच्छे दिन खत्म हो गए हैं, लेकिन हमें अब चिंतित होना चाहिए...पिछले साल सितंबर में खत्म हुई तिमाही के बाद से ग्रोथ ने गिरावट दर्ज कराई है।”

इसके बाद, उन्होंने कहा कि अगली कुछ तिमाहियों पर नोटबंदी का अधिक प्रभाव पड़ा है। इस साल जून में खत्म हुई तिमाही के दौरान इंडिया की जीडीपी ग्रोथ 5.7 फीसद के साथ तीन साल के निम्मतम स्तर पर आ गई और यह लगातार दूसरी तिमाही चीन से पिछड़ी है। नोटबंदी के प्रभाव के बीच जीएसटी लॉन्च के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट देखने को मिली है। आपको बता दें कि चीन ने जनवरी से मार्च और अप्रैल से जून तिमाही के दौरान 6.9 फीसद की जीडीपी ग्रोथ दर्ज कराई थी।

तेज ग्रोथ के लिए तीन क्षेत्रों पर ध्यान देने की वकालत करते हुए राजन ने कहा, “आइए सुनिश्चित करें कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को वास्तव में पूरा किया जाए, अगर इसमें बाधाएं आती हैं तो सरकार कड़ी मेहनत कर सकती है।” उन्होंने कहा कि दूसरा सबसे अहम सेक्टर पावर का है जिसमें सुधार की दरकार है। वहीं उन्होंने तीसरा कारक एक्सपोर्ट (निर्यात) बताया है।

Posted By: Praveen Dwivedi