जयपुर। राजस्थान में जारी गुर्जर आंदोलन का आज छठा दिन है। आज भी 25 ट्रेनें निरस्त रहीं और आधा दर्जन ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया गया।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली-मुंबई मार्ग पर कोटा से आगे पीलूपुरा की पटरियों पर आंदोलनकारी बैठे हैं और वहां से एक भी ट्रेन नहीं गुजरी है। इससे रेलवे को रोज 15 करोड़ का घाटा हो रहा है।

21 मई से रेलवे यातायात पूरी तरह बदहाल है। मार्ग बदलने से कई ट्रेनें गंतव्य तक देरी से पहुंच रही हैं तो कुछ स्टेशनों पर यात्री ट्रेन के इंतजार में भीषण गर्मी में पटरियों पर टकटकी लगाए बैठे हैं।

आंदोलन से मुंबई-दिल्ली रेलमार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जिससे ट्रेनें रतलाम से बीना, झांसी, मथुरा सहित उज्जैन, मक्सी, गुना, ग्वालियर वाले रूट से चलाई जा रही हैं।

इस बीच, दोनों पक्षों के बीच सुलह की कोई आस नजर नहीं आ रही है। सरकार और गुर्जरों के बीच वार्ता के स्थान को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है।

सरकार चाहती है कि गुर्जर जयपुर में सचिवालय में आकर वार्ता करें, जबकि गुर्जर बयाना में वार्ता के लिए अड़े हैं। सरकार ने गुर्जरों को सोमवार को बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए।

इसके बाद देर शाम सरकार ने फिर कर्नल बैंसला को पत्र भेज कर सुविधानुसार जयपुर आने का न्यौता दिया था, लेकिन बैंसला ने इस न्यौते को भी ठुकरा दिया।

बिजनेस सेक्शन की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Shashi Bhushan Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस