नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का मानना है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का क्रियान्वयन ऐसी समस्या नहीं जिसका समाधान न निकाला जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि देश में नोटबंदी लागू करना सोचा समझा फैसला नहीं था। एक ओर जहां मोदी सरकार अपने महत्वाकांक्षी सुधार ला रही हैं वहीं दूसरी ओर राजन का कहना है कि जीएसटी और नोटबंदी का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन किया जा सकता था।

राजन ने कैम्ब्रिज के हार्वर्ड केनेडी स्कूल में कहा, “वस्तु एवं सेवाकर अगर बेहतर तरह से लागू होता तो अच्छा होता। लेकिन इसका क्रियान्वयन ऐसी समस्या नहीं हैं जिसका उपाय न निकाला जा सकें। हम इसपर काम कर सकते हैं। मैं अभी इसपर अपनी उम्मीद नहीं छोड़ सकता।”

राजन मौजूदा समय में यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर हैं। उन्होंने वहां छात्रों को 2018 एलबर्ट एच गॉर्डन लेक्चर दिया जिसका शीर्षक लेवरेज, फाइनेंशियल क्राइसेज एंड पॉलिसेज टू रेज इकोनॉमिक ग्रोथ था।

नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि सरकार ने नवंबर 2016 में नोटबंदी लागू करने से पहले रिजर्व बैंक के साथ कोई विचार विमर्श नहीं किया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुल मुद्रा का 87.5 फीसद हिस्सा को बैन करना अच्छा आइडिया नहीं था।

राजन ने कहा, “मैंने कभी नहीं कहा कि नोटबंदी लागू करने से पहले मुझे से बात नहीं की गई थी। वास्तव में मैंने स्पष्ट किया था हमसे बात की गई थी और हमें ये ठीक नहीं लगा था।”

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