जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान शनिवार से 12 सितंबर तक भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण तीन सबसे बड़े देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर की यात्रा पर जा रहे हैं। इसका मकसद कतर खरीदे जा रहे गैस का दाम कम कराने की संभावनाओं पर बातचीत करना है। वर्तमान में भारत मौजूदा अंतरराष्ट्रीय दरों के मुकाबले कतर से लगभग तीन गुना दाम पर गैस खरीद रहा है।

सऊदी अरब और यूएई सयुक्त तौर पर भारत की जरूरत का 30 फीसद तेल बेचते हैं, जबकि भारत अपनी जरूरत का करीब 50 फीसद गैस अकेले कतर से लेता है। भारत कतर के गैस का सबसे बड़ा ग्राहक भी है। वर्ष 2015 में कतर ने भारत के लिए गैस की कीमत घटाई थी तब भारत को सालाना 13000 करोड़ रुपये की बचत होने की बात कही गई थी। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत में भारी गिरावट को देखते हुए यह देखना होगा कि कतर भारत को कितनी राहत देने को तैयार होता है।

पेट्रोलियम मंत्री अबुधाबी (यूएई) में ऊर्जा क्षेत्र में 8वें एशियाई मंत्रीस्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का आयोजन भारत यूएई के साथ संयुक्त तौर पर कर रहा है। यूएई-भारत रणनीतिक बैठक के तहत दोनो देशों के बीच हुए समझौते की समीक्षा की अलग से की जाएगी। सउदी अरब में प्रधान की ऊर्जा मंत्री खालिद अल फलिह और सऊदी अरब की राष्ट्रीय कंपनी अरामको के शीर्ष प्रबंधन के साथ भी अलग अलग बैठक करेंगे। सऊदी अरब की कंपनियों ने हाल ही में भारत के हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में बड़े निवेश करने का प्रस्ताव किया है। इन सभी की समीक्षा होगी। 

Posted By: Nitesh

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