नई दिल्ली (जेएनएन)। विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद चालू वित्त वर्ष के लिए भारतीय आईटी उद्योग की संभावनाओं को लेकर आशावादी हैं, क्योंकि डिजिटल टेक्नोलॉजी के लिए सेक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है। विप्रो की 71 वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए प्रेमजी ने कहा, “अगर आगे की बात करें तो हम एक अस्थिर आर्थिक पर्यावरण को देख रहे हैं लेकिन मुख्य देशों के लिए निर्यात की हमारी आर्थिक संभावनाएं थोड़ी बेहतर हैं।”

उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितताओं ने वित्त वर्ष 2017 के दौरान आईटी सेक्टर पर प्रतिकूल असर डाला है। चालू वित्त वर्ष के लिए विप्रो का आशावाद इस तथ्य से प्रेरित है कि बाजार प्रोद्योगिकी क्षेत्र में खर्च करना चाहता है और यह एक बड़ा डिफरेंशिएटर बनतर उभर रहा है। प्

रेमजी ने कहा, “बीते एक साल में, उम्मीदों और उपभोक्ताओं के अनुभवों से साथ साथ बिजनेस मॉडल में भारी परिवर्तन को देखा गया है। डिजिटल इस परिवर्तन को लाने वाला केंद्रीय तत्व है। हमारा विश्वास है कि उद्यमों के लिए डिजिटल वितरित करने के लिए आईटी सेवा कंपनियां महत्वपूर्ण हैं। विप्रो ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.4 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की। इस बढ़ोतरी के साथ कंपनी का समेकित राजस्व 55,040 करोड़ रुपये का रहा।”

वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट इस अवधि के दौरान 8,514 करोड़ रुपए का रहा, हालांकि यह 4.7 फीसद की गिरावट है। कंपनी आज अपने पहली तिमाही के नतीजों को जारी करेगी।

Posted By: Praveen Dwivedi

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