नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। देश के करीब 34 करोड़ डाकघर बचत खाताधारक बहुत जल्द डाकघरों में भी डिजिटल बैंकिंग की पूरी सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सरकार ने ऐसे खाताधारकों के खातों को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आइपीपीबी) से जोड़ने की इजाजत दे दी है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि वित्त मंत्रलय ने डाकघरों के बचत खातों को आइपीपीबी से जोड़ने का अनुमोदन कर दिया है। इससे डाकघर बचत खाताधारकों को किसी भी बैंक के किसी भी अकाउंट में रकम हस्तांतरित करने की सुविधा मिल जाएगी। सूत्र के मुताबिक इस वर्ष मई से पहले चरण और सितंबर से दूसरे चरण में ऐसे खाताधारकों को आइपीपीबी से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी।

वित्त मंत्रलय के इस फैसले से देश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क तैयार होने का रास्ता साफ हो गया है। इसकी वजह यह है कि इंडिया पोस्ट ने देशभर के सभी 1.55 लाख डाकघरों को आइपीपीबी से जोड़ने की योजना बनाई है। इन 34 करोड़ खातों में 17 करोड़ पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक अकाउंट हैं, जबकि बाकी मासिक आय योजना व आवर्ती जमा (रेकरिंग डिपॉजिट) खाते वगैरह हैं।

इंडिया पोस्ट ने हालांकि कोर बैंकिंग सुविधा शुरू कर दी है। लेकिन वर्तमान में उसकी यह सुविधा सिर्फ डाकघर के खाताधारकों (पीओएसबी) के बीच तक सीमित है। आइपीपीबी का नियंत्रण भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के हाथों में है, जबकि डाकघरों में बैंकिंग सेवाओं का मामला वित्त मंत्रलय के अधिकार क्षेत्र में आता है। आइपीपीबी के ग्राहक नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) समेत रकम हस्तांतरण की अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। सूत्रों का कहना था कि पीओएसबी ग्राहक इस वर्ष मई से आइपीपीबी की सुविधाओं का लुत्फ उठाना शुरू कर देंगे।

Posted By: Shubham Shankdhar

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