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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमीर कर्जदारों से गरीब ज्यादा भरोसेमंद

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Published: Wed, 02 Oct 2013 02:26 AM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

भारत के गरीब कहीं अधिक भरोसेमंद हैं। अपनी ऋण अदायगी की आदतों की वजह से गरीब अमीरों के मुकाबले बेहतर ...और पढ़ें

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श्रीनगर। भारत के गरीब कहीं अधिक भरोसेमंद हैं। अपनी ऋण अदायगी की आदतों की वजह से गरीब अमीरों के मुकाबले बेहतर और ईमानदार कर्जदार हैं। यह कहते हुए वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बैंकों से निर्धनों को ज्यादा से ज्यादा कर्ज देकर वित्तीय समावेश को सफल बनाने की अपील की।

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चिदंबरम जम्मू एंड कश्मीर बैंक की 75वीं वर्षगांठ पर मंगलवार को यहां आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

वित्त मंत्री ने कहा कि देश में उन इलाकों में बैंकिंग का जबर्दस्त प्रचार देखा जा रहा है, जहां उनके सबसे भरोसेमंद अमीर नहीं, बल्कि ग्राहक गरीब हैं। इसलिए बैंकों की वह धारणा कतई गलत है, जिसके तहत वे केवल दौलतमंदों को ही लुभाते हैं। जरूरत इस बात की है कि बैंक अब आम लोगों को ध्यान में रखते हुए अपनी ऋण और जमा स्कीमें तैयार करें।

बैंक जटिल और जोखिम भरे नए-नए उत्पाद पेश करने का वह रास्ता न चुनें जो उन्हें 2008 के वित्तीय संकट की ओर ले गया था। इस मौके पर चिदंबरम ने जेएंडके बैंक से अपील की कि वह जम्मू-कश्मीर राज्य से बाहर भी अपनी ज्यादा से ज्यादा शाखाएं खोले।