नई दिल्ली (जेएनएन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘न्यू इंडिया’ के निर्माण का जो सपना संजोया है, उसकी असली ताकत ‘सॉफ्ट पावर’ होगी। यही वजह है कि सरकार देश की सॉफ्ट पावर को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर रणनीति बनाने में जुट गयी है। नीति आयोग इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री के साथ देश के जाने-माने युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स की एक परिचर्चा आयोजित करने जा रहा है जिसमें इस रणनीति के अहम बिन्दु तय किए जा सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री 17 और 22 अगस्त को उद्योग जगत के जाने माने युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स के साथ रूबरू होंगे। दो दिन के इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उद्यमियों के साथ जिन छह विषयों पर चर्चा करेंगे उनमें सॉफ्ट पावर इन्क्रेडिबल इंडिया 2.0 विषय भी शामिल है। दरअसल सॉफ्ट पावर में देश की सांस्कृतिक खूबियों जैसे कला, संस्कृति, संग्रहालय, यात्रा और पर्यटन, खान-पान और हॉस्पिटैलिटी विषय आते हैं। उद्योग जगत के जाने माने प्रतिनिधि इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के संबंध में कार्ययोजना प्रधानमंत्री को सुझाएंगे।
सूत्रों ने कहा कि यह पहली बार है कि न्यू इंडिया के लिए इतने बड़े स्तर पर सरकार निजी क्षेत्र के साथ विचार विमर्श करने जा रही है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने इस संबंध में युवा उद्यमियों को पत्र भेजा है।

सॉफ्ट पॉवर के अलावा जिन अन्य विषयों पर चर्चा होगी, उनमें डिजिटल इंडिया: अंतिम व्यक्ति तक पहुंच, सतत विकास, पोषण और स्वास्थ्य और कौशल विकास भी शामिल हैं। जहां तक स्वास्थ्य की बात है तो ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज की बेहतर सुविधा कैसे पहुंचाई जाए, इस बारे में उद्योग जगत के प्रतिनिधि सरकार के समक्ष कार्ययोजना पेश करेंगें। इसके अलावा मेडिकल डायग्नोस्टिक्स पर भी फोकस रहेगा। सतत विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इलेक्टिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की रणनीति तय की जाएगी। कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव के साथ गरीबी उन्मूलन पर भी चर्चा की जाएगी।

Posted By: Shubham Shankdhar

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