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PM Kisan Yojana की 23वीं किस्त से पहले किसानों को बड़ा तोहफा, सरकार ने बढ़ाया प्याज खरीद का मूल्य; नई दरें आज से लागू

Published: Sat, 13 Jun 2026 11:30 AM (GMT+05:30)

केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त से पहले किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने प्याज ...और पढ़ें

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HighLights

  1. प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य बढ़ाया गया।

  2. अब 1,650 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा किसानों को।

  3. यह नई दर 13 जून से प्रभावी हो गई है।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त (PM Kisan Yojana) से पहले किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार ने प्याज की न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य में इजाफा किया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) ने बताया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और सरकारी खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) में बदलाव किया गया है।

प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की गई जानकारी में कहा कि उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्याज खरीद से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों के हितों की रक्षा करने और खरीद प्रक्रिया को मजबूत बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।

1,650 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी प्याज

सरकार ने निर्णय लिया कि भंडारण योग्य गुणवत्ता वाले प्याज और वर्तमान बाजार भाव को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य बढ़ाकर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा। यह संशोधित दर 13 जून से लागू हो चुकी है।

सरकार ने केवल खरीद मूल्य में संशोधन ही नहीं किया है, बल्कि मूल्य निर्धारण की व्यवस्था को भी बाजार की मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाया है। इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी।

सरकार का मानना है कि यह कदम प्याज उत्पादकों की आय को मजबूत करने में सहायक होगा। साथ ही बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

प्याज के लिए नहीं तय की जाती MSP

गौरतलब है कि प्याज के लिए केंद्र सरकार कोई औपचारिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित नहीं करती, क्योंकि यह जल्दी खराब होने वाली फसल की श्रेणी में आती है। किसानों को मूल्य गिरावट से बचाने के लिए सरकार मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य पर प्याज की खरीद करती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान से सुरक्षा मिल सके।

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