नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज फिर बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल और डीजल 14 पैसे महंगा हुआ है। इसके बाद पेट्रोल 80.87 पैसे और डीजल 72.97 पैसे प्रति लीटर हो गया है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 88 रुपये 26 पैसे और डीजल 77 रुपये 47 पैसे प्रति लीटर रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र के परभाणी में पेट्रोल की कीमतें 90 रुपये प्रति लीटर के पार हो गई है।

चेन्नई में पेट्रोल 84.05 रुपये और डीजल 77.13 रुपये प्रति लीटर का भाव है। वहीं कोलकता की बता करें तो पेट्रोल 83.75 रुपये और डीजल 75.82 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है। कर की कम दरों से अन्य मेट्रो शहरों की तुलना में दिल्ली में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत सबसे कम है।

जानिए जनवरी से अबतक पेट्रोल-डीजल के कितने बढ़े दाम-

देश की राजधानी दिल्ली में एक जनवरी, 2018 को पेट्रोल 69.97 रुपये प्रति लीटर के भाव से बिक रहा था। वहीं 11 सितंबर को यह 80.87 रुपये प्रति के स्तर पर है। इस हिसाब से बीते 9 महीनों में पेट्रोल की कीमतों में 10.80 पैसे तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।

इसी तरह दिल्ली में एक जनवरी, 2018 को डीजल का भाव 59.70 रुपये प्रति लीटर रहा था। जबकि 11 सितंबर को यह 72.97 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। इस हिसाब से डीजल में अबतक 13 रुपये प्रति लीटर का इजाफा देखा गया है।

कितना लगता है टैक्स

पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में आधा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर लगने वाले टैक्स का है। कंपनियों के मुताबिक रिफाइनरी पर पेट्रोल की लागत करीब 40.50 रुपये और डीजल की कीमत करीब 43 रुपये प्रति लीटर पड़ती है। केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर क्रमश: 19.48 रुपये और 15.33 रुपये उत्पाद शुल्क वसूलती है। इसके ऊपर राज्य सरकारें इन पर मूल्यवर्धित कर (वैट) लगाती हैं।

वैट की दरें विभिन्न राज्यों में अलग-अलग हैं। अंडमान एवं निकोबार में दोनों ईंधनों पर सबसे कम छह फीसद की दर से टैक्स वसूला जाता है। वहीं पेट्रोल पर मुंबई में सर्वाधिक 39.12 फीसद और डीजल पर तेलंगाना में सर्वाधिक 26 फीसद वैट लगता है। दिल्ली में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दरें क्रमश: 27 फीसद और 17.24 फीसद हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट को देखते हुए केंद्र सरकार ने नवंबर, 2014 से जनवरी, 2016 के बीच नौ बार उत्पाद शुल्क में वृद्धि की थी। इस दौरान पेट्रोल पर प्रति लीटर 11.77 रुपये और डीजल पर 13.47 रुपये का उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया था। हालांकि तब से कच्चा तेल महंगा होने के बाद उत्पाद शुल्क में कटौती केवल एक बार हुई है। पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने उत्पाद शुल्क में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। उत्पाद शुल्क में वृद्धि के कारण पिछले चार साल में सरकार को इस मद में दोगुने से ज्यादा राजस्व मिला है। 2014-15 में सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों से 99,184 करोड़ रुपये मिले थे। 2017-18 में इस मद में सरकार को 2,29,019 करोड़ रुपये मिले। राज्यों का वैट संग्रह भी इस अवधि में 1,37,157 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,84,091 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

Posted By: Surbhi Jain