कंगाल पाकिस्तान में 'रोटी' पर रार! आटे के बाद अब ब्रेड ने निकाले आंसू, गेहूं के दाने-दाने को मोहताज हुआ पड़ोसी
पाकिस्तान में ब्रेड की कीमतों में इस साल दूसरी बार वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ ...और पढ़ें

पाकिस्तान में ब्रेड और आटे के दाम में तेज बढ़ोतरी (AI Image)
HighLights
ब्रेड की कीमतों में इस साल दूसरी बार 8-9% की वृद्धि।
बिजली, गैस और कच्चे माल की लागत बढ़ने से दाम बढ़े।
गेहूं की कमी और सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| दुनिया में कहीं भी लोन, आर्थिक मदद और महंगाई का जिक्र होता है तो पाकिस्तान ही सबसे पहले जेहन में आता है। आमतौर पर पेट्रोल-डीजल, LPG के दाम बढ़ने पर महंगाई पर खबरें देखने को मिलती हैं, लेकिन पाकिस्तान का मामला अलग है। पाकिस्तान आटे और रोटियों की महंगाई से ही नहीं उबर पा रहा है। अब एक बार फिर पाकिस्तान में ब्रेड की कीमतों में तगड़ा उछाल आ गया है, जिससे आम जनता की जेब पर दवाब बढ़ा है।
कितना मंहगा हुआ ब्रेड?
पाकिस्तान में ब्रेड की कीमतों में इस साल दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है। बिजली, गैस, कच्चे माल और परिवहन लागत बढ़ने के कारण ब्रेड निर्माताओं ने विभिन्न उत्पादों के दाम 8-9% तक बढ़ा दिए हैं। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी करीब तीन साल बाद कीमतों में वृद्धि की गई थी। पाकिस्तानी मीडिया Dawn के मुताबिक नई कीमतों के अनुसार बड़ी, मीडियम और छोटी सादी ब्रेड की कीमत क्रमशः 270, 200 और 140 पाकिस्तानी रुपये कर दी गई है, जो पहले 240, 180 और 130 रुपये थी। ब्रान ब्रेड की कीमत 180 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दी गई है, जबकि स्कूल बन की कीमत 25 रुपये पर स्थिर रखी गई है।
इसके अलावा चार बर्गर बन के पैकेट की कीमत 130 रुपये से बढ़कर 140 रुपये हो गई है। वहीं रस्क के छोटे और बड़े पैकेट की कीमत क्रमशः 90 रुपये से बढ़कर 100 रुपये और 170 रुपये से बढ़कर 180 रुपये हो गई है।
आटे की कीमत से तंग पाक
पाकिस्तान के सेंसिटिव प्राइस इंडेक्स (SPI) के अनुसार 3 सितंबर को समाप्त सप्ताह में 20 किलोग्राम आटे के बैग की औसत कीमत 2,200 से 3,200 रुपये के बीच पहुंच गई, जो मार्च 2026 के अंत में 1,810 से 2,740 रुपये थी। इसी तरह 10 किलोग्राम गेहूं के बैग की कीमत 1,039 रुपये से बढ़कर 1,250 रुपये और महीन आटे की कीमत 137 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 155 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
सरकार की नाकामी से बढ़ी महंगाई
व्यापारियों और खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि खुले बाजार में गेहूं की कीमतों में तेजी के कारण आटा और उससे बने उत्पाद लगातार महंगे हो रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार समय पर बाजार को स्थिर करने के लिए 10 लाख टन गेहूं आयात करने का फैसला नहीं ले सकी, जिससे कीमतों पर नियंत्रण नहीं हो पाया।
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इस बीच, गेहूं की कमी को दूर करने के लिए पाकिस्तान ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (TCP) ने बुधवार को 7.5 लाख टन गेहूं आयात करने के लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किया है।
