नई दिल्ली (जेएनएन)। राजस्व विभाग ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि व्यक्तियों की ओर से पुराने गहने और पुराने वाहनों की बिक्री पर किसी भी तरह का जीएसटी नहीं लगेगा क्योंकि यह बिक्री किसी व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए नहीं है। 1 जुलाई से देशभर में जीएसटी को लागू किए जाने के बाद इंडीविजुअल और जौहरी इस बात को लेकर चिंतित हो गए थे कि पुराने स्वर्ण आभूषण और कारों पर लेनदेन में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) के तहत 3 फीसद जीएसटी लगेगा। यह मैकेनिज्म अनरजिस्टर्ड सप्लायर्स के लिए है जो रजिस्टर्ड बिजनेस के लिए अपने उत्पादों को बेचते हैं।

आरसीएम के तहत, रजिस्टर्ड बिजनेस अगर अनरजिस्टर्ड सप्लायर्स से उत्पाद खरीदता है तो उस पर 3 फीसद जीएसटी की देनदारी बनेगी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को स्थिति स्पष्ट कर दी थी कि जीएसटी उस स्थिति में लागू नहीं होगा जब कोई इंडीविजुअल अपने पुराने गहने को ज्वैलर्स को बेचेगा। इस स्पष्टीकरण का मतलब यह है कि जब ज्वैलर्स किसी इंडीविजुअल की ओर से पुराना सोना खरीदेंगे तो आरसीएम के तहत जीएसटी का भुगतान करने के लिए वह जिम्मेदार नहीं होंगे। इसी तरह, सरकार ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी को अपनी पुरानी कार बेचने वाले व्यक्तियों के मामले में भी नहीं लगाया जाएगा।

साथ ही वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति किसी ऐसे ज्वैलर को पुराना सोना बेच रहा है जो सोने के गहनों का अनरजिस्टर्ड सप्लायर है तो 3 फीसद का जीएसटी देना होगा। हालांकि, ऐसे उदाहरणों में जब एक जौहरी को मॉडिफिकेशन (पुराने सोने से नए आभूषण बनवाना) करने के लिए पुराने गहने दिए जाते हैं, तो 5 फीसद जीएसटी लगाया जाएगा क्योंकि इसे एक जॉब वर्क का हिस्सा माना जाएगा।

Posted By: Surbhi Jain