नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सरकार ने अर्थव्यवस्था को नया बूस्टर देते हुए उद्योग जगत के लिए शुक्रवार को बड़ी राहत की घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक से पहले घरेलू कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स में लगभग 10-12 फीसद की कमी का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि नया टैक्स रेट चालू वित्त वर्ष से लागू होगा। सरकार ने नई मैन्युुफैक्चरिंग कंपनियों को भी कर में 12 फीसद की कटौती के जरिए बड़ी राहत दी है। सीतारमण ने कहा कि सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश एवं वृद्धि को मजबूती देने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है।

आयकर अधिनियम और वित्त अधिनियम में अध्यादेश के जरिए बदलाव किये जाएंगे। 

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम घरेलू कंपनियों और नई घरेलू मैन्‍युफैक्‍चरिंग कंपनियों के कॉरपोरेट टैक्‍स दरों को घटाने का प्रस्‍ताव करते हैं। टैक्‍सेशन में और वित्‍तीय राहत के उपाय किए जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि वैसे कॉरपोरेट्स जो छूट का लाभ नहीं ले रहे हैं वे 22 फीसद की दर से टैक्‍स अदा कर सकते हैं। वित्‍त मंत्री ने कहा कि स्‍थानीय कंपनियों के लिए कोई मिनिमम अल्‍टरनेट टैक्‍स नहीं होगा।

सीतारमण ने कहा कि एक अक्‍टूबर, 2019 के बाद स्‍थापित होने वाली कंपनियों के पास 15 फीसद की दर से टैक्‍स का भुगतान करने का विकल्‍प होगा। नई मैन्‍युफैक्‍चरिंग कंपनियों के लिए टैक्‍स की प्रभावी दर सरचार्ज और टैक्‍स सहित 17.01 फीसद होगी।

उन्‍होंने कहा कि मेक इन इंडिया को प्रोत्‍साहित करने के लिए आयकर अधिनियम में एक नई धारा जोड़ी जाएगी जो 2019-20 से प्रभावी होगी। इससे 1 अक्‍टूबर 2019 के बाद गठित होने वाली नई घरेलू कंपनियां जो मैन्‍युफैक्‍चरिंग में नया निवेश करने जा रही हैं, उन्‍हें 15 फीसद की दर से इनकम टैक्‍स का भुगतान करने का विकल्‍प मिलेगा। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि शेयर बायबैक पर 20% का टैक्स लागू नहीं होगा। शेयर बाजार में वित्‍त मंत्री की घोषणाओं के साथ ही तेजी देखी जा रही है। 

सीतारमण ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कमी से हर साल राजकोष पर एक लाख 45 हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।

सरकार ने सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) के लिए जवाबदेह कंपनी के इक्विटी शेयरों की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर बढ़ा हुआ सरचार्ज नहीं लगाने का फैसला किया है। इसका प्रावधान बजट में किया गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सरकार के इस कदम को बोल्ड बताते हुए इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि कॉरपोरेट टैक्स में कमी का फैसला भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत सकारात्मक है। 

दास ने उम्मीद जताई है कि सरकार के खर्च  एवं आज के इस फैसले से जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी बेहतर होगी।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि हम इस फैसले की उम्मीद कर रहे थे और इससे अर्थव्यवस्था को जरूरी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई कदम उठाए हैं और आज का फैसला इस दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि कर को लेकर की गयी घोषणा से कोल इंडिया, इन्फोसिस एवं विप्रो जैसी कंपनियों को फायदा होगा।

वित्त मंत्री की घोषणा के साथ बीएसई सेंसेक्स में भारी तेजी। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स में देखी गई 1601  अंक की उछाल। सेंसेक्स 37,695 अंक पर पहुंच गया है। निफ्टी में 348 अंक की बढ़त देखी गई।

किसी तरह के छूट का लाभ नहीं लेने वाली कंपनियों के लिए:

पुराना बेसिक टैक्स रेट   सरचार्ज के साथ नया बेसिक टैक्स रेट सरचार्ज के साथ   कुल कमी
30% 34.94%    22%   25.17%  करीब 10%

एक अक्टूबर, 2019 के बाद गठित होने वाली मैन्युुफैक्चरिंग कंपनियों के लिए:

पुराना बेसिक टैक्स रेट   सरचार्ज के साथ नया बेसिक टैक्स रेट सरचार्ज के साथ   कुल कमी
25% 29.12%    15%   17.01%  करीब 12%

 

Posted By: Ankit Kumar

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